Hindustan Copper को जबलपुर की कमर्शियल कोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिली है। कंपनी ने आर्बिट्रेशन अवार्ड के खिलाफ कंडीशनल स्टे हासिल कर लिया है, जिससे तुरंत रिकवरी की कार्रवाई पर रोक लग गई है।
कानूनी राहत की शर्तें
जबलपुर की कमर्शियल कोर्ट ने कंपनी को यह स्टे कुछ शर्तों के साथ दिया है। स्टे बरकरार रखने के लिए Hindustan Copper को अवार्ड की कुल राशि का 50% हिस्सा बैंक गारंटी के रूप में जमा करना होगा। इसके अलावा, बची हुई राशि के लिए कंपनी को एक एसेट बॉन्ड (Asset Bond) जमा करना होगा, जो आधिकारिक वैल्युएशन रिपोर्ट पर आधारित होगा।
मामले की पृष्ठभूमि
यह पूरा मामला M/s IVRCL-MCCDL-TCL-DM कंसोर्टियम और Hindustan Copper के बीच चल रहे आर्बिट्रेशन अवार्ड से जुड़ा है। कोर्ट का यह आदेश 16 सितंबर, 2026 को जारी किया गया था और कंपनी को 21 सितंबर, 2026 को इसकी आधिकारिक जानकारी मिली।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
कोर्ट के इस फैसले से कंपनी की संपत्तियों को अटैच (Attach) होने का तत्काल खतरा टल गया है। कंपनी अब 'Arbitration & Conciliation Act, 1996' की धारा 34 के तहत अपनी कानूनी चुनौती को आगे बढ़ा सकेगी। फिलहाल मामला 'सब-जुडिस' (sub-judice) है और कोर्ट अब मामले की मेरिट्स पर सुनवाई करेगी, बशर्ते कंपनी कोर्ट द्वारा तय की गई सभी वित्तीय शर्तों को पूरा कर दे।
निवेशकों को अब कंपनी की ओर से बैंक गारंटी जमा करने की पुष्टि और कोर्ट की अगली तारीखों पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि अंतिम परिणाम इसी कानूनी लड़ाई के नतीजों पर निर्भर करेगा।
