Himalaya Food International ने हाई कोर्ट के आदेश के बाद Doon Valley Foods के इंडस्ट्रियल यूनिट को खरीदने की मंजूरी दी है। यह डील मात्र **₹1 करोड़** के नकद भुगतान में पूरी होगी। साथ ही, कंपनी **₹21.50 करोड़** के बैंक कर्ज को चुकाने के लिए कुछ एसेट बेचने जा रही है।
अधिग्रहण से कामकाज में आएगी निरंतरता
Himalaya Food International Limited (HFIL) ने अपनी मौजूदा फैसिलिटी के पास स्थित Doon Valley Foods Private Limited के इंडस्ट्रियल यूनिट को टेकओवर करने का फैसला किया है। इस डील में जमीन, बिल्डिंग, मशीनरी और कोल्ड स्टोरेज एसेट शामिल हैं। इस पूरे सौदे को Global Trade USA के साथ एक त्रिपक्षीय (Tripartite) समझौते के जरिए अंजाम दिया जाएगा, जिससे कंपनी पर नकद का बोझ मात्र ₹1 करोड़ ही पड़ेगा।
कर्ज घटाने पर जोर
कंपनी ने अपने फाइनेंशियल हेल्थ को सुधारने के लिए बड़ा कदम उठाया है। बोर्ड ने मैनेजमेंट को अधिकृत किया है कि वह कंपनी के कुछ एसेट्स को बेचकर ₹21.50 करोड़ के बकाया बैंक लोन का निपटान करे। यह कदम हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के उस निर्देश के बाद उठाया गया है, जिसमें प्रोडक्शन शिफ्ट करने के लिए जमीन के इस्तेमाल पर सवाल उठाए गए थे।
मैनेजमेंट में बदलाव और प्रक्रिया
कंपनी के CMD श्री मन मोहन मलिक की अनुपस्थिति के कारण, अब श्री कैलाश शर्मा को सेल डीड और MOU जैसे जरूरी कानूनी दस्तावेजों को साइन करने के अधिकार दिए गए हैं। इसके अलावा, कंपनी ROC और SEBI के नियमों का पालन करते हुए अपनी सालाना रिपोर्ट और अन्य फाइनेंशियल फाइलिंग की प्रक्रिया को पूरा कर रही है।
निवेशकों के लिए जोखिम और आगे की राह
निवेशकों को अब यह देखना होगा कि Global Trade USA के साथ समझौता कितनी सुगमता से पूरा होता है और क्या बैंक कर्ज का निपटान तय समयसीमा के भीतर हो पाता है। साथ ही, प्रोडक्शन शिफ्ट करने के दौरान कंपनी की ऑपरेशनल स्टेबिलिटी पर भी नजर रखना जरूरी होगा। अब बाजार की नजर इस पर है कि एसेट्स को बेचने की प्रक्रिया कितनी जल्दी पूरी होती है।
