Himalaya Food International ने अपनी रणनीतिक दिशा में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी ने नॉन-कोर एसेट्स बेचकर अगले **6 महीने** के भीतर पूरी तरह कर्ज मुक्त होने का लक्ष्य रखा है, साथ ही प्रोडक्शन क्षमता को **66,000 MTPA** तक बढ़ाने की योजना है।
क्या है रिवाइवल प्लान?
कंपनी के चेयरमैन मनमोहन मलिक के नेतृत्व में एक 3 साल का रिवाइवल प्लान तैयार किया गया है। इसका मुख्य फोकस बैलेंस शीट को मजबूत करना और कारोबार का दायरा बढ़ाना है। कंपनी अपनी नॉन-कोर संपत्तियों को बेचकर देनदारियों को खत्म करना चाहती है, ताकि ऑपरेशनल तेजी पर ध्यान दिया जा सके।
प्रोडक्शन का बड़ा लक्ष्य
कंपनी ने मार्च तक अपनी फ्रेंच फ्राइज़ और ऐपेटाइज़र की सालाना प्रोडक्शन क्षमता को 66,000 MTPA तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। यह कदम उत्तरी अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया जैसे बड़े ग्लोबल बाजारों में अपनी पैठ जमाने के लिए उठाया जा रहा है।
Simplot के खिलाफ कानूनी जंग
कंपनी ने अपने पूर्व जॉइंट वेंचर पार्टनर Simplot के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया है। सिंगापुर आर्बिट्रेशन अवार्ड से जुड़े डैमेज (हरजाना) की वसूली के लिए कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी गई है। यह केस भविष्य में कंपनी के लिए कैपिटल इनफ्लो का एक बड़ा जरिया बन सकता है।
निवेशकों के लिए सावधानी
हालांकि कंपनी की योजना स्पष्ट है, लेकिन एसेट बिक्री का बाजार पर निर्भर होना और 66,000 MTPA के प्रोडक्शन लक्ष्य को समय पर हासिल करना एक बड़ी चुनौती है। निवेशकों को कंपनी की तरफ से आने वाली अगली आधिकारिक फाइलिंग पर नजर रखनी चाहिए।
