Hexaware Technologies ने IiAS और ISS जैसी प्रॉक्सी एडवाइजरी फर्मों के विरोध के बाद अपना पक्ष रखा है। 2 सितंबर, 2026 के पोस्टल बैलेट में रखे गए 8 प्रस्तावों को लेकर कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ये प्लान कैश-न्यूट्रल हैं और CEO ट्रांजिशन के दौरान टैलेंट रिटेंशन के लिए जरूरी हैं।
क्या है विवाद की जड़?
Hexaware Technologies फिलहाल अपने CEO ट्रांजिशन के दौर से गुजर रही है। इस दौरान कंपनी AI और इंजीनियरिंग टैलेंट को बनाए रखने के लिए कुछ खास प्रस्ताव लाई है। हालांकि, IiAS और ISS जैसी प्रॉक्सी फर्मों ने इन पर सवाल उठाए हैं, जिसके जवाब में कंपनी ने एक विस्तृत सफाई जारी की है।
कंपनी का बचाव और दलीलें
निवेशकों के मन में 'डाइल्यूशन' (Dilution) को लेकर चिंताएं हैं। इस पर कंपनी ने स्पष्ट किया है कि:
- कैश का कोई बोझ नहीं: कंपनी ने जोर देकर कहा है कि इन इंसेटिव प्रोग्राम्स का खर्च सीधे प्रमोटर एंटिटी CA Sebright Investments उठा रही है, इसलिए कंपनी पर कोई फाइनेंशियल लायबिलिटी नहीं है।
- मिनिमल डाइल्यूशन: कंपनी के अनुसार, पेड-अप कैपिटल में संभावित डाइल्यूशन सिर्फ 0.33% है, जिसे भविष्य में मार्केट से शेयर खरीदकर ऑफसेट किया जा सकता है।
- इंसेंटिव पूल में कटौती: 'MOIC Exit Agreement' (Item 8) के तहत कंपनी ने अधिकतम पेआउट को $40 मिलियन से घटाकर सीधे $20 मिलियन कर दिया है, जो अप्रैल 2025 की तुलना में 50% कम है।
- ESOPs पर स्थिति: ESOP पूल को बढ़ाकर 1.75 करोड़ ऑप्शंस करना एक मल्टी-ईयर लिमिट है, न कि तुरंत जारी किए जाने वाले शेयर्स।
आगे क्या होगा?
शेयरधारकों के लिए वोटिंग की आखिरी तारीख 9 अक्टूबर, 2026 है। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि क्या संस्थागत निवेशक बोर्ड के इस स्पष्टीकरण से संतुष्ट होते हैं और प्रस्तावों के पक्ष में वोट करते हैं या नहीं।
