Hexagon Nutrition पर कस्टम विभाग का शिकंजा, **₹1.05 करोड़** की भारी डिमांड नोटिस जारी

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Hexagon Nutrition पर कस्टम विभाग का शिकंजा, **₹1.05 करोड़** की भारी डिमांड नोटिस जारी

Hexagon Nutrition Limited को Chennai-III के कमिश्नर ऑफ कस्टम्स से **₹1.05 करोड़** की डिमांड का नोटिस मिला है। मामला कंपनी की पूर्व सब्सिडियरी के प्रोडक्ट क्लासिफिकेशन विवाद से जुड़ा है, जिसे कंपनी चुनौती देने की तैयारी कर रही है।

विवाद की जड़ क्या है?

यह मामला कंपनी की पूर्व सब्सिडियरी, Hexagon Nutrition Exports Private Limited से जुड़ा है, जो इस साल की शुरुआत में NCLT की मंजूरी के बाद पैरेंट कंपनी में विलय हो गई थी। कमिश्नर ऑफ कस्टम्स, Chennai-III ने आरोप लगाया है कि फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के दौरान Domestic Tariff Area (DTA) यूनिट्स को बेचे गए प्रोडक्ट्स का क्लासिफिकेशन गलत तरीके से किया गया था।

क्या है कुल डिमांड का गणित?

अथॉरिटीज ने कुल ₹1,04,71,989 की मांग की है। इसमें मुख्य रूप से:

  • ₹81.72 लाख की ड्यूटी
  • ₹15 लाख का जुर्माना (Fine)
  • ₹8 लाख की पेनल्टी (Penalty)

मैनेजमेंट का रुख

Hexagon Nutrition ने साफ कर दिया है कि वे इन आरोपों से सहमत नहीं हैं। कंपनी के अनुसार, उन्होंने नियमों का पालन किया है और वे संबंधित अपीलीय अथॉरिटी में इस आदेश के खिलाफ औपचारिक अपील दायर करेंगे। कंपनी ने निवेशकों को आश्वस्त किया है कि इस नोटिस का उनके मौजूदा कामकाज या ऑपरेशंस पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।

निवेशकों के लिए जोखिम

हालांकि यह राशि कंपनी के स्केल के हिसाब से बहुत बड़ी नहीं है, लेकिन इस तरह की नियामक (Regulatory) चुनौतियां अक्सर लंबी कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बन जाती हैं। निवेशकों को आने वाले समय में कंपनी द्वारा दी जाने वाली लीगल अपडेट्स और अपील के नतीजों पर नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.