Hexagon Nutrition Ltd का बोर्ड अब दो अलग-अलग शेयरहोल्डर रिक्वेस्ट की समीक्षा कर रहा है, जिनमें कंपनी की लीडरशिप और सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव की मांग की गई है। इस बीच, कंपनी ने Q2 रिजल्ट्स से पहले ट्रेडिंग विंडो बंद कर दी है।
EGM की मांग और शेयरहोल्डर्स का दबाव
Hexagon Nutrition Ltd को 24 सितंबर 2026 को दो अलग-अलग रिक्विजिशन पत्र मिले थे। इन प्रस्तावों पर 30 सितंबर को बोर्ड मीटिंग में चर्चा की गई। यह पूरा मामला कंपनी के टॉप मैनेजमेंट के पुनर्गठन (restructuring) और एग्जीक्यूटिव सैलरी से जुड़ा है।
प्रमुख दावेदार और हिस्सेदारी
कंपनी में मची इस उठापटक के पीछे दो बड़े शेयरहोल्डर ग्रुप हैं:
- पहला ग्रुप: डॉ. निखिल अरुण केलकर और विक्रम अरुण केलकर, जिनके पास 38.41% हिस्सेदारी है। इनकी मांग है कि अरुण पुरुषोत्तम केलकर को एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और चेयरमैन नियुक्त किया जाए और उनकी सैलरी को मंजूरी दी जाए।
- दूसरा ग्रुप: जिनके पास 24.67% की हिस्सेदारी है, इनकी मांग मैनेजिंग डायरेक्टर विक्रम केलकर की सैलरी को 1 अप्रैल 2026 से मंजूरी देने की है।
ट्रेडिंग विंडो पर रोक
SEBI के नियमों का पालन करते हुए, कंपनी ने 1 अक्टूबर 2026 से इनसाइडर ट्रेडिंग पर रोक लगा दी है। कंपनी के डायरेक्टर्स, ऑफिसर्स और डेजिग्नेटेड पर्सन अब कंपनी के Q2 (सितंबर तिमाही) नतीजों के आने के 48 घंटे बाद तक शेयरों में कोई लेनदेन नहीं कर पाएंगे।
अब निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि EGM की तारीख क्या तय होती है और शेयरहोल्डर्स वोटिंग में क्या फैसला लेते हैं।
