Hemisphere Properties India की 22वीं AGM में खुलासा हुआ है कि कंपनी FY26 के लिए जरूरी Independent Directors की संख्या पूरी करने में नाकाम रही है। मैनेजमेंट का कहना है कि सरकारी इकाई होने के नाते नियुक्तियां Ministry of Housing & Urban Affairs के स्तर पर लंबित हैं।
नियमों का उल्लंघन और ऑडिट रिपोर्ट
अपनी हालिया 22वीं सालाना आम बैठक (AGM) में Hemisphere Properties India ने एक बड़ी गवर्नेंस खामी स्वीकार की है। कंपनी की Secretarial Audit रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि 31 मार्च, 2026 तक कंपनी के पास नियमों के मुताबिक पर्याप्त Independent Directors नहीं थे। यह सीधे तौर पर SEBI के Regulation 25(10) का उल्लंघन है।
क्यों है यह बड़ी बात?
SEBI के कॉर्पोरेट गवर्नेंस नियमों के तहत बोर्ड में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स का होना अनिवार्य है ताकि कामकाज में पारदर्शिता बनी रहे। चूंकि यह एक सरकारी उपक्रम (Government Enterprise) है, इसलिए बोर्ड में सदस्यों की नियुक्ति का अधिकार सीधे तौर पर सरकार के पास है। कंपनी ने अब मंत्रालय से जल्द नियुक्ति की अपील की है ताकि इस तकनीकी खामी को दूर किया जा सके।
एजेंडा और भविष्य की राह
AGM के दौरान 7 मुख्य प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिसमें फाइनेंशियल ईयर 2026 के स्टेटमेंट्स को मंजूरी देना और रवि कुमार अरोड़ा की दोबारा नियुक्ति जैसे विषय शामिल थे। इसके अलावा प्रदीप कुमार झा, श्याम लाल पूनिया, सुचित गोयल और अमित कुमार अग्रवाल की नियुक्ति पर भी विचार किया गया।
निवेशकों के लिए सलाह है कि वे आने वाले समय में मंत्रालय द्वारा की जाने वाली नियुक्तियों पर नजर रखें, क्योंकि लंबे समय तक नियमों का पालन न होना भविष्य में मार्केट रेगुलेटर्स की सख्ती का कारण बन सकता है।
