Halder Venture Limited ने सितंबर तिमाही के शानदार नतीजे जारी किए हैं। स्टैंडअलोन रेवेन्यू **337%** बढ़कर **₹22,805.81 लाख** पर पहुंच गया है, और कंपनी ने घाटे से उबरकर **₹205.79 लाख** का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट दर्ज किया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का दम
Halder Venture ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त हुई तिमाही में धमाकेदार प्रदर्शन किया है। स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी का नेट प्रॉफिट 283% बढ़कर ₹404.58 लाख हो गया है। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि कंपनी का कंसोलिडेटेड मुनाफा पिछले साल के ₹1,091.05 लाख के नुकसान (Loss) के मुकाबले अब ₹205.79 लाख के पॉजिटिव स्तर पर आ गया है।
रिस्क और चुनौतियां (Watch Points)
कंपनी ने अपनी रिपोर्ट में कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों का खुलासा किया है, जिन पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए:
- रेगुलेटरी मुद्दा: कंपनी ने 'कंपनी एक्ट 2013' की धारा 19 का उल्लंघन स्वीकार किया है, जहां सब्सिडियरी कंपनियां पैरेंट कंपनी के शेयर होल्ड कर रही थीं। इसे ठीक करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
- प्रॉपर्टी विवाद: मुंबई में स्थित एक कमर्शियल प्रॉपर्टी को लेकर कानूनी मामला चल रहा है, जिसकी वजह से टाइटल ट्रांसफर अटका हुआ है।
- मैनेजमेंट बदलाव: प्रमोटर प्रभात कुमार हलदर के निधन और कंपनी सेक्रेटरी अयंती सेन के इस्तीफे के बाद कंपनी लीडरशिप ट्रांजिशन के दौर से गुजर रही है।
आगे का रास्ता
कंपनी को जुलाई 2026 में जारी किए गए इक्विटी कनवर्टिबल वारंट्स के लिए ₹625 लाख की शुरुआती राशि प्राप्त हुई है। फिलहाल, निवेशक कंपनी के नए सेक्रेटरी की नियुक्ति, मुंबई प्रॉपर्टी विवाद के निपटारे और सब्सिडियरी द्वारा शेयर बेचने की प्रक्रिया पर पैनी नजर रखें।
