Greenhitech Ventures के निवेशकों के लिए एक बड़ी खबर है। कंपनी के **10,37,200** कन्वर्टिबल वॉरंट्स का 18 महीने का कार्यकाल खत्म हो गया है और ये लैप्स हो गए हैं। इस वजह से कंपनी अब वॉरंट्स पर मिले **25%** अपफ्रंट पैसे यानी कुल **₹2.72 करोड़** अपने पास रखेगी।
क्या हुआ है असल में?
Greenhitech Ventures Ltd ने आधिकारिक तौर पर वॉरंट कन्वर्जन प्रक्रिया को बंद कर दिया है। 29 अक्टूबर, 2026 को 18 महीने की समय सीमा समाप्त होने के बाद, कंपनी ने सूचित किया है कि किसी भी निवेशक ने अपने 10,37,200 वॉरंट्स को इक्विटी शेयरों में नहीं बदला। नतीजतन, ये सभी वॉरंट्स अब रद्द (Cancel) कर दिए गए हैं।
कंपनी की तिजोरी पर असर
SEBI के नियमों के मुताबिक, कंपनी वॉरंट जारी करते समय लिया गया 25% अपफ्रंट पैसा जब्त करने की हकदार है। इस फैसले से कंपनी को ₹2,72,26,500 का एकमुश्त फायदा हुआ है। यह रकम कंपनी के रिजर्व्स में जुड़ जाएगी। हालांकि यह कंपनी की नेट वर्थ को तो बढ़ाता है, लेकिन इसे ऑपरेश्नल मुनाफा या कमाई नहीं माना जा सकता।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
यह वॉरंट इशू 30 अप्रैल, 2025 को शुरू हुआ था। वॉरंट्स का इस्तेमाल न होना यह दिखाता है कि निवेशकों ने मौजूदा स्ट्राइक प्राइस पर कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने में कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई। अब यह प्रक्रिया पूरी तरह खत्म हो चुकी है और वॉरंट होल्डर्स के पास कोई भी दावा करने का अधिकार नहीं बचा है।
आगे क्या होगा?
इस घटना के बाद कंपनी का शेयर कैपिटल बेस वैसा ही रहेगा जैसा अभी है, क्योंकि नए शेयरों का कोई इश्यू नहीं हुआ है। हालांकि कंपनी की बैलेंस शीट को एक बार का सहारा जरूर मिला है, लेकिन निवेशकों का कन्वर्जन से पीछे हटना भविष्य की इक्विटी फंडिंग को लेकर एक अहम संकेत माना जा रहा है।
