Gravity India Ltd ने सितंबर तिमाही के लिए अपने शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का मुनाफा बढ़कर **₹7.65 करोड़** पर पहुंच गया है, लेकिन बढ़ते ट्रेड रिसीवेबल्स ने निवेशकों की चिंता भी बढ़ा दी है।
मुनाफे में दमदार उछाल
Gravity India Ltd के लिए सितंबर तिमाही बेहद शानदार रही है। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू पिछले साल की समान अवधि के ₹20.44 करोड़ से बढ़कर इस बार ₹75.08 करोड़ हो गया है। मुनाफे के आंकड़ों पर नजर डालें तो यह पिछले साल के ₹1.45 करोड़ के मुकाबले सीधा ₹7.65 करोड़ पर पहुंच गया है। कंपनी का अर्निंग पर शेयर (EPS) भी ₹8.50 के स्तर पर पहुंच गया है, जो कंपनी के बेहतर होते फाइनेंशियल हेल्थ की कहानी बयां करता है।
ट्रेड रिसीवेबल्स ने बढ़ाई चिंता
हालांकि कंपनी का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन बैलेंस शीट में एक पेंच भी है। 31 मार्च, 2026 तक कंपनी के ट्रेड रिसीवेबल्स ₹34.72 करोड़ थे, जो अब बढ़कर ₹169.61 करोड़ हो गए हैं। इसका सीधा मतलब है कि कंपनी की वर्किंग कैपिटल की जरूरतें काफी बढ़ गई हैं। साथ ही, कंपनी की करंट लायबिलिटीज भी बढ़कर ₹143.80 करोड़ के स्तर पर आ गई हैं।
रेगुलेटरी अपडेट
कंपनी ने साफ किया है कि फिलहाल उन पर SEBI (LODR) के रेगुलेशन 23(9) (रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन डिस्क्लोजर) की अनिवार्यता लागू नहीं होती है, क्योंकि उनका पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल और नेट वर्थ रेगुलेटर द्वारा तय सीमा से कम है।
अब निवेशकों की नजरें इस पर टिकी हैं कि कंपनी अपने बढ़ते ट्रेड रिसीवेबल्स को कितनी जल्दी कैश में तब्दील कर पाती है और क्या यह रेवेन्यू मोमेंटम आगे भी बरकरार रहेगा।
