Gravity India Limited ने FY26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का मुनाफा **₹12.85 करोड़** रहा, जबकि पिछले साल कंपनी घाटे में थी। इसके साथ ही, कंपनी ने वर्किंग कैपिटल के लिए **₹90 करोड़** का QIP लाने की योजना बनाई है।
मुनाफे में दमदार वापसी
Gravity India ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में शानदार टर्नअराउंड दिखाया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹12.85 करोड़ रहा, जबकि बीते फाइनेंशियल ईयर में कंपनी को ₹2.01 करोड़ का नुकसान हुआ था। राजस्व (Revenue) में भी भारी उछाल देखने को मिला है, जो ₹1.97 करोड़ से बढ़कर ₹179.75 करोड़ तक पहुंच गया है।
भविष्य की योजनाएं और विस्तार
कंपनी ने नई ग्रोथ के लिए अपनी रणनीति साफ कर दी है। इसके तहत ₹90 करोड़ का QIP (Qualified Institutions Placement) लाने का प्रस्ताव रखा गया है, जिसका इस्तेमाल कंपनी अपनी वर्किंग कैपिटल और अन्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए करेगी। दिलचस्प बात यह है कि कंपनी अब अपने बिजनेस का दायरा बढ़ाते हुए सेमीकंडक्टर (Semiconductor) और डेटा सेंटर (Data Center) सेक्टर में भी कदम रखेगी।
मैनेजमेंट और प्रशासनिक बदलाव
कंपनी ने अपनी आगामी 39वीं AGM के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसमें कंपनी के मैनेजमेंट में बड़े बदलावों को मंजूरी दी जाएगी, जिनमें मुकेश महेंद्रभाई परमार (MD & CEO), कुलदीपसिंह राठौड़ (Executive Director & CFO) और अंकित गोयल (Non-Executive Independent Director) की नियुक्तियां शामिल हैं। साथ ही, कंपनी ने M/s. AVKAS & Co. को नए ऑडिटर के रूप में नियुक्त करने का फैसला किया है।
गौरतलब है कि अप्रैल 2026 में कंपनी का राइट्स इश्यू (Rights Issue) न्यूनतम 90% सब्सक्रिप्शन न मिलने के कारण रद्द करना पड़ा था, जिसका रिफंड प्रोसेस अभी जारी है।
