Godavari Biorefineries: दूसरी तिमाही में कंपनी को हुआ **₹15.24 करोड़** का घाटा

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AuthorNeha Patil|Published at:
Godavari Biorefineries: दूसरी तिमाही में कंपनी को हुआ **₹15.24 करोड़** का घाटा

Godavari Biorefineries ने सितंबर तिमाही के नतीजे पेश कर दिए हैं। कंपनी का नेट लॉस पिछली तिमाही के **₹19.32 करोड़** से घटकर **₹15.24 करोड़** पर आ गया है, हालांकि सालाना आधार पर चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं।

मुनाफे पर क्यों पड़ा असर?

कंपनी के फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही (H1) में कुल घाटा ₹34.56 करोड़ रहा है। इस दौरान कंपनी को ₹26.66 करोड़ का एक्सेप्शनल खर्च उठाना पड़ा है। मैनेजमेंट के मुताबिक, यह खर्च 2023-2024 शुगर सीजन के लिए कॉन्ट्रैक्टर्स को दी गई अतिरिक्त हार्वेस्टिंग फीस से संबंधित है।

सेगमेंट के हिसाब से परफॉर्मेंस

कंपनी का बिजनेस मॉडल काफी हद तक सीजनल है, जिसका असर नतीजों में दिख रहा है:

  • बायो-बेस्ड केमिकल्स: यह सेगमेंट कंपनी के लिए सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा है, जिसने ₹18.77 करोड़ का ऑपरेटिंग प्रॉफिट दर्ज किया है।
  • डिस्टिलरी: इस डिवीजन ने ₹4.53 करोड़ का ऑपरेटिंग मुनाफा कमाया है।
  • शुगर और को-जेनरेशन: इन सेगमेंट्स में दबाव देखने को मिला, जहां कंपनी को क्रमशः ₹15.31 करोड़ और ₹9.78 करोड़ का ऑपरेटिंग घाटा हुआ है।

रेवेन्यू का हाल

कंपनी का ऑपरेशन्स से रेवेन्यू इस तिमाही में ₹549.24 करोड़ रहा, जो जून 2026 तिमाही के ₹557.88 करोड़ के मुकाबले मामूली गिरावट दिखाता है। छमाही आधार पर कुल रेवेन्यू ₹1,107.12 करोड़ दर्ज किया गया है।

निवेशकों को अब यह देखना होगा कि कंपनी भविष्य में अपने शुगर और को-जेनरेशन यूनिट्स से कैश फ्लो को कैसे मैनेज करती है और क्या बायो-बेस्ड केमिकल्स का शानदार प्रदर्शन साल भर जारी रह पाएगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.