Godavari Biorefineries Ltd ने FY26 के नतीजों के साथ शानदार वापसी की है। पिछले साल के **₹27.16 करोड़** के घाटे के मुकाबले कंपनी ने इस बार **₹1.24 करोड़** का मुनाफा दर्ज किया है।
मुनाफे में वापसी और रेवेन्यू में उछाल
Godavari Biorefineries ने आखिरकार मुनाफे का स्वाद चख लिया है। कंपनी ने FY26 के लिए अपने स्टैंडअलोन नतीजों में ₹1.24 करोड़ का नेट प्रॉफिट पोस्ट किया है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹27.16 करोड़ के बड़े नुकसान से एक बड़ी राहत है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू भी 6.29% बढ़कर ₹1,987.94 करोड़ पर पहुंच गया है, जो ऑपरेशन्स में आई मजबूती को दर्शाता है।
क्यों बदली कंपनी की किस्मत?
कंपनी ने अपनी मल्टी-फीडस्टॉक रणनीति पर दांव लगाया, जो पूरी तरह काम कर गई। नई 200,000 lpd एथेनॉल फैसिलिटी के जरिए अब कंपनी गन्ने के साथ-साथ मक्का और अनाज का भी इस्तेमाल कर रही है, जिससे कच्चे माल की कमी का जोखिम कम हो गया है। साथ ही, कंपनी का स्पेशलिटी केमिकल्स सेगमेंट अब कुल बायो-बेस्ड रेवेन्यू का 61% हिस्सा संभाल रहा है।
भविष्य की योजनाएं और बड़े बदलाव
कंपनी अब सिर्फ चीनी और एथेनॉल तक सीमित नहीं है। Catalyxx के साथ टेक्नोलॉजी एग्रीमेंट करके कंपनी 30,000-टन का बायो-ब्यूटेनॉल प्लांट लगाने की तैयारी में है। इसके अलावा, फार्मा सेक्टर में भी कंपनी कदम रख रही है, जहां ट्रिपल-नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर (TNBC) के इलाज पर रिसर्च चल रही है और इसके Q3 FY27 तक क्लिनिकल ट्रायल्स शुरू होने की उम्मीद है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
सब कुछ अच्छा होने के बावजूद कुछ चुनौतियां अब भी बरकरार हैं। एथेनॉल प्राइजिंग, क्रॉस-सब्सिडी सरचार्ज और कस्टम ड्यूटी से जुड़े कानूनी विवादों का असर मार्जिन पर दिख सकता है। इसके अलावा, कमोडिटी प्राइसेस में उतार-चढ़ाव कंपनी के मुनाफे पर दबाव डाल सकता है। निवेशकों को आने वाले समय में सरकारी एथेनॉल पॉलिसी और TNBC ड्रग के ट्रायल्स पर खास नजर रखनी चाहिए।
