Globus Constructors: भारी नुकसान और ऑडिटर्स की चेतावनी, कंपनी पर लटके खतरे के बादल

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AuthorAditya Rao|Published at:
Globus Constructors: भारी नुकसान और ऑडिटर्स की चेतावनी, कंपनी पर लटके खतरे के बादल

Globus Constructors & Developers Ltd के लिए वित्त वर्ष 2025-26 के नतीजे बेहद चिंताजनक रहे हैं। कंपनी ने **₹12.81 लाख** का नेट लॉस दर्ज किया है, जबकि पिछले साल कंपनी **₹354.13 लाख** के मुनाफे में थी। कंपनी का कामकाज फिलहाल ठप है और ऑडिटर्स ने इसकी 'गोइंग कंसर्न' स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का हाल

कंपनी के ताजा नतीजों के अनुसार, ऑपरेशन से रेवेन्यू पूरी तरह शून्य (Nil) रहा है, जो निवेशकों के लिए बड़ा झटका है। कंपनी का कुल खर्च बढ़कर ₹51.06 लाख पर पहुंच गया है। मुनाफे में आई इस गिरावट का एक बड़ा कारण ₹38.25 लाख का 'डाउटफुल एडवांसेज' प्रोविजन है।

क्यों है ये चिंता की बात?

ऑडिटर्स ने कंपनी की भविष्य की कार्यप्रणाली पर 'Material Uncertainty' की मुहर लगा दी है। कंपनी के पास फिलहाल कोई ऑपरेशनल इनकम नहीं है, लेकिन खर्चे लगातार जारी हैं, जो इसकी वित्तीय स्थिरता पर बड़ा सवालिया निशान खड़े करते हैं।

रेगुलेटरी और कंप्लायंस की मार

वित्तीय दिक्कतों के साथ-साथ कंपनी रेगुलेटरी मोर्चे पर भी पिछड़ गई है। कंपनी में जनवरी से सितंबर 2025 तक 'कंपनी सेक्रेटरी' और 'कंप्लायंस ऑफिसर' का पद खाली था। इस लापरवाही के लिए BSE ने कंपनी पर जुर्माना भी लगाया है। SEBI के LODR नियमों का पालन न करने और बोर्ड मीटिंग की जानकारी देने में देरी के चलते कंपनी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

बोर्ड में बदलाव और AGM की तैयारी

इन सबके बीच, बोर्ड ने अभय खन्ना को फिर से होल-टाइम डायरेक्टर नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा है। वहीं, बोर्ड में बदलाव करते हुए निशि सभरवाल ने इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के पद से इस्तीफा दे दिया है और उनकी जगह सुनील राय को नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में शामिल किया गया है।

अब सभी की निगाहें 25 सितंबर, 2026 को होने वाली AGM पर टिकी हैं, जहां कंपनी अपनी गिरती साख और रेवेन्यू वापस लाने की योजनाओं पर सफाई दे सकती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.