Globe Commercials ने FY 2025-26 के लिए अपने वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **₹7.46 करोड़** रहा है, लेकिन मैनेजमेंट ने फिलहाल डिविडेंड नहीं देने का फैसला किया है ताकि वर्किंग कैपिटल और विस्तार पर ध्यान दिया जा सके।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी के कारोबार में निरंतरता देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2025-26 में Globe Commercials का कुल रेवेन्यू बढ़कर ₹222.36 करोड़ हो गया, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर में ₹203.45 करोड़ था। वहीं, कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹6.01 करोड़ के मुकाबले बढ़कर ₹7.46 करोड़ पर पहुंच गया है। कंपनी का पूरा ध्यान फिलहाल कैश फ्लो को बचाने और ऑपरेशंस को मजबूत करने पर है।
को-ऑप्शंस (CoOptions) का अधिग्रहण
कंपनी के लिए इस साल का सबसे बड़ा डेवलपमेंट हैदराबाद की CoOptions Corporation Private Limited में 84.40% हिस्सेदारी खरीदना रहा है। यह डील 4:1 के शेयर स्वैप रेश्यो के तहत हुई है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य एग्री-बिजनेस और ई-कॉमर्स सेक्टर में अपनी पकड़ को मजबूत करना है। कंपनी अब महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों में अपने कारोबार को फैलाने की योजना बना रही है।
गवर्नेंस और कंप्लायंस का मुद्दा
नतीजों के साथ ही सेक्रेटेरियल ऑडिट रिपोर्ट में कुछ खामियां भी सामने आई हैं। कंपनी के पास फिलहाल 'कंपनी एक्ट, 2013' की धारा 138 के तहत अनिवार्य इंटरनल ऑडिटर की कमी है। इसके अलावा, इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के डेटा बैंक रजिस्ट्रेशन और अखबारों में नोटिस पब्लिश करने जैसे नियमों के पालन में भी कुछ चूक देखी गई है। मैनेजमेंट ने इन कमियों को स्वीकार किया है और आगामी वित्त वर्ष में इन्हें सुधारने का भरोसा दिया है।
आगे क्या होगा?
निवेशकों को अब यह देखना होगा कि CoOptions के अधिग्रहण से कंपनी को कितनी ऑपरेशनल सिनर्जी मिलती है और नई प्रोसेसिंग यूनिट्स लगाने का काम कितनी तेजी से आगे बढ़ता है। साथ ही, गवर्नेंस स्टैंडर्ड्स पर मैनेजमेंट का एक्शन भी शेयर की दिशा तय करेगा।
