Glaam Up Jwel Ltd के लिए मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। कंपनी ने भले ही **₹0.12 करोड़** का मामूली नेट प्रॉफिट कमाया हो, लेकिन Axis Bank का कर्ज न चुका पाने और CGST विभाग द्वारा **₹22.24 करोड़** की भारी-भरकम पेनल्टी लगाने से कंपनी की साख पर सवाल खड़े हो गए हैं।
क्या है वित्तीय संकट की असली वजह?
वित्त वर्ष 2025-26 की ऑडिट रिपोर्ट में M/s. Kapish Jain & Associates ने कंपनी पर 'क्वालिफाइड ओपिनियन' दिया है। कंपनी ने ₹0.12 करोड़ का नेट प्रॉफिट दिखाया है, जो पिछले साल के ₹0.01 करोड़ से थोड़ा बेहतर है। लेकिन असली परेशानी Axis Bank के साथ हुए डिफॉल्ट से है, जो ₹2.06 करोड़ का है। इसके अलावा, CGST विभाग ने फ्रॉड ITC क्लेम के आरोप में कंपनी पर ₹22.24 करोड़ का जुर्माना लगाया है।
कारोबार के अस्तित्व पर सवाल
ऑडिटर्स ने साफ चेतावनी दी है कि टैक्स पेनल्टी और कर्ज के बोझ के कारण कंपनी का भविष्य खतरे में है। Debt Recovery Tribunal (DRT) ने भी कंपनी की संपत्ति को गिरवी रखने या बेचने पर रोक लगा दी है, जिससे लिक्विडिटी की समस्या और गंभीर हो गई है।
बोर्ड में बड़े बदलाव
कंपनी में बड़े मैनेजमेंट बदलाव हो रहे हैं। Mayabhai Bhikhabhai Kotar ने बोर्ड से इस्तीफा दे दिया है। वहीं, Nirav Khatri को 5 साल के लिए मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। साथ ही, Urvik Dipakbhai Joshi और Vicky Deepakkumar Shah को एडिशनल डायरेक्टर बनाया गया है।
आगे क्या होगा?
विवादों के बावजूद, कंपनी 29 सितंबर, 2026 को होने वाली AGM में ₹100 करोड़ तक के अतिरिक्त कर्ज लेने की मंजूरी मांग रही है। निवेशकों को सलाह है कि वे DRT की सुनवाई और CGST के कानूनी घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रखें, क्योंकि यही कंपनी के भविष्य का फैसला करेंगे।
