Ghushine Fintrrade Ocean Ltd का FY26 में रेवेन्यू बढ़कर **₹5.64 करोड़** हो गया है, लेकिन कंपनी गंभीर रेगुलेटरी नियमों के उल्लंघन में फंस गई है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में बेहतर प्रदर्शन करते हुए अपना रेवेन्यू ₹4.52 करोड़ से बढ़ाकर ₹5.64 करोड़ दर्ज किया है। वहीं, कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹0.0144 करोड़ रहा। कंपनी अब अपने पारंपरिक टेक्सटाइल बिजनेस से हटकर रिन्यूएबल एनर्जी और एग्री-लॉजिस्टिक्स में कदम रखने की तैयारी कर रही है।
गवर्नेंस में बड़ी खामियां
वित्तीय मोर्चे पर भले ही सब ठीक दिख रहा हो, लेकिन कंपनी की 'सीक्रेटेरियल ऑडिट रिपोर्ट' ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं:
- ऑडिटर नियुक्ति: कंपनी 90 दिनों की समय सीमा के भीतर स्टेट्यूटरी ऑडिटर की नियुक्ति के लिए शेयरहोल्डर की मंजूरी नहीं ले पाई।
- इंटरनल ऑडिटर: कंपनी में अनिवार्य इंटरनल ऑडिटर का पद खाली है।
- इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स: सागर कुंभाणी और कुसुम फुलफगर जैसे डायरेक्टर्स के क्वालिफिकेशन और प्रोफिशिएंसी टेस्ट को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं।
- कमेटी उल्लंघन: कंपनी की ऑडिट और नॉमिनेशन कमेटी 'कंपनीज एक्ट 2013' के प्रावधानों का पालन नहीं कर रही है।
आगे क्या होगा?
निवेशकों को अब कंपनी द्वारा इन कमियों को दूर करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर नजर रखनी चाहिए। क्या कंपनी नियमों का पालन कर पाएगी? यह देखना महत्वपूर्ण होगा क्योंकि आने वाले समय में रिन्यूएबल एनर्जी और वेयरहाउसिंग सेक्टर में कंपनी का विजन पूरी तरह से बोर्ड की स्थिरता पर निर्भर करेगा।
