Genus Prime Infra ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में शानदार वापसी करते हुए प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी का स्टैंडअलोन मुनाफा **₹5.79 करोड़** रहा है, जबकि पिछले साल कंपनी घाटे में थी।
मुनाफे में बड़ी उछाल
कंपनी के फाइनेंशियल हेल्थ में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में ₹0.04 करोड़ के नुकसान के मुकाबले, इस बार कंपनी ने ₹5.79 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। इतना ही नहीं, कंपनी का रेवेन्यू भी पिछले साल के ₹0.19 करोड़ से बढ़कर ₹4.17 करोड़ तक पहुंच गया है। कंसोलिडेटेड आधार पर भी कंपनी ने ₹5.36 करोड़ का मुनाफा कमाया है।
AGM में बड़े फैसलों की तैयारी
कंपनी की 26वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 24 सितंबर, 2026 को बुलाई गई है। इसमें शेयरहोल्डर्स कुछ अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाएंगे:
- CEO की नियुक्ति: अमित अग्रवाल को अगले 5 साल के लिए होल टाइम डायरेक्टर और CEO के रूप में फिर से नियुक्त किया जाएगा।
- फंड जुटाने की योजना: बोर्ड ने ₹100 करोड़ तक की नई उधारी लेने और ₹250 करोड़ तक के निवेश व गारंटी देने के लिए शेयरहोल्डर्स से मंजूरी मांगी है।
भविष्य की रणनीति
ये कदम बताते हैं कि कंपनी साल 2025 में हुए मर्जर और डी-मर्जर के बाद अब नए विस्तार के दौर में है। हालांकि, निवेशकों को यह नजर रखनी होगी कि कंपनी इस पूंजी का इस्तेमाल कैसे करती है और क्या आगे भी प्रॉफिटेबिलिटी को बरकरार रख पाती है।
गवर्नेंस का क्लीन ट्रैक रिकॉर्ड
कंपनी ने इस साल किसी भी तरह के 'रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शंस' की जानकारी नहीं दी है। साथ ही, सेक्रेटेरियल ऑडिट में भी कंपनी को क्लीन चिट मिली है, जो इसके बेहतर कॉर्पोरेट गवर्नेंस का संकेत है।
