GeeCee Ventures ने Q2 FY27 के नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट **₹10.20 करोड़** रहा है। इस तिमाही में कंपनी के सब्सिडियरी स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव हुए हैं, जिसके चलते बैलेंस शीट और रेवेन्यू आंकड़ों में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
मुनाफे के आंकड़े
कंपनी ने सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही के लिए अपने फाइनेंशियल रिजल्ट्स पेश किए हैं। इस दौरान कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (PAT) ₹10.20 करोड़ रहा, जबकि स्टैंडअलोन आधार पर यह ₹9.40 करोड़ दर्ज किया गया।
क्यों आए आंकड़ों में बड़े बदलाव?
इस तिमाही के नतीजों में मुख्य बदलाव Geecee Business Private Limited का स्टेटस बदलना है। 30 जून 2026 से इसे सब्सिडियरी से हटाकर एसोसिएट एंटिटी बना दिया गया है। इस कदम के कारण कंपनी की बुक्स से ₹181.10 करोड़ की उधारी (Borrowings) और ₹174.49 करोड़ की इन्वेंट्री (Inventories) को नॉन-कैश डिरिकग्निशन के तहत हटाया गया है। अब कंपनी के पास इस पूर्व सब्सिडियरी में 48% हिस्सेदारी है, जिसकी वैल्यू ₹4.92 करोड़ आंकी गई है।
सेगमेंट के अनुसार प्रदर्शन
कंपनी का कामकाज मुख्य रूप से दो हिस्सों में बंटा है:
- इन्वेस्टमेंट/सिक्योरिटीज और लोन: यह बिजनेस का मुख्य स्तंभ बना हुआ है, जिसने ₹12.66 करोड़ का रेवेन्यू और ₹11 करोड़ का मुनाफा कमाया है।
- रियल एस्टेट: इस सेगमेंट में सुस्ती रही, जहां ₹0.25 करोड़ का रेवेन्यू आया और ₹0.36 करोड़ का नुकसान हुआ।
निवेशकों के लिए आगे की राह
मैनेजमेंट ने संकेत दिए हैं कि निवेश से होने वाली आय हर तिमाही में एक समान नहीं होगी, जिससे मुनाफे में उतार-चढ़ाव की संभावना बनी रह सकती है। निवेशकों को सलाह है कि वे केवल कंसोलिडेटेड रेवेन्यू के आंकड़ों को न देखें, बल्कि मुख्य ऑपरेशंस यानी इन्वेस्टमेंट और रियल एस्टेट सेगमेंट के प्रदर्शन पर नज़र रखें।
