Gayatri Highways ने अपनी 20वीं AGM 29 सितंबर, 2026 को बुलाई है। इस बैठक में कंपनी ₹150 करोड़ के लोन को लेकर शेयरधारकों से मंजूरी मांगेगी, हालांकि कंपनी की ऑडिट रिपोर्ट में कर्ज डिफॉल्ट और एसेट इंपेयरमेंट जैसे गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
मुनाफे के बीच ऑडिटर्स की चिंताएं
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए ₹20.53 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल के ₹0.31 करोड़ के मुकाबले काफी ज्यादा है। हालांकि, यह चमकते आंकड़े ऑडिटर्स की कड़ी टिप्पणी के नीचे दबे हुए हैं। ऑडिटर्स ने कंपनी की इक्विटी को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने और जीरो-इंटरेस्ट लोन के राइट-बैक पर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं।
बड़े रिस्क फैक्टर्स
कंपनी पर इस समय कर्ज का भारी दबाव है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, IL&FS Financial Services को दिए जाने वाले टर्म लोन और ब्याज में ₹50 करोड़ से अधिक का डिफॉल्ट हुआ है। इसके अलावा:
- एसेट वैल्युएशन: Cyberabad Expressways और Hyderabad Expressways जैसी कंपनियों में निवेश को लेकर ऑडिटर्स ने सवाल उठाए हैं क्योंकि इनकी नेट वर्थ नेगेटिव है, फिर भी इनका इंपेयरमेंट नहीं किया गया।
- सब्सिडियरी पर संकट: Indore Dewas Tollways लिक्विडेशन में है, जिसके कारण कंपनी उसे कंसोलिडेट नहीं कर पा रही है, जिससे फाइनेंशियल ट्रांसपेरेंसी पर प्रश्नचिन्ह लगा है।
आगे की राह
अब सबकी नजरें 29 सितंबर की AGM पर हैं, जहाँ शेयरधारक ₹150 करोड़ के इंटर-कॉर्पोरेट डिपॉजिट (ICD) पर वोट करेंगे। गायत्री प्रोजेक्ट्स और प्रमोटर्स की कंपनी में 61.15% की बड़ी हिस्सेदारी है, ऐसे में इस प्रस्ताव का पास होना मैनेजमेंट के लिए काफी अहम होगा। निवेशकों को कंपनी की गवर्नेंस और लगातार सामने आ रहे ऑडिट क्वालिफिकेशंस पर बारीकी से नजर रखने की सलाह है।
