Gayatri BioOrganics ने अपना FY 2025-26 का एनुअल रिपोर्ट पेश किया है। कंपनी ने रीब्रैंडिंग के साथ-साथ मैनेजमेंट में बड़े बदलाव का ऐलान किया है, लेकिन जीरो रेवेन्यू और बढ़ते घाटे ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
रीब्रैंडिंग और मैनेजमेंट में बदलाव
Gayatri BioOrganics आने वाले समय में एक नए रूप में दिखेगी। कंपनी ने 23 सितंबर, 2026 को होने वाली अपनी 35वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) से पहले शेयरधारकों से अपना नाम बदलकर 'Ananth BioOrganics Limited' करने की मंजूरी मांगी है। कंपनी के मैनेजमेंट में भी बड़ा फेरबदल हुआ है, जहाँ T.V. Sandeep Kumar Reddy के इस्तीफे के बाद Sreedhara Reddy Kanaparthi को चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) के तौर पर नियुक्त किया गया है।
फाइनेंशियल्स की खराब हालत
कंपनी की नई शुरुआत की कोशिशों के बावजूद, मौजूदा फाइनेंशियल परफॉरमेंस काफी कमजोर है। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू ₹0.00 रहा है, जो लगातार दूसरे साल बिजनेस की सुस्ती को दर्शाता है। वहीं, नेट लॉस पिछले साल के ₹72.65 लाख से बढ़कर इस साल ₹111.18 लाख तक पहुंच गया है।
कानूनी पचड़ों में फंसी कंपनी
निवेशकों के लिए सबसे बड़ा रिस्क कानूनी विवाद हैं। कंपनी फिलहाल कस्टम ड्यूटी, एक्साइज ड्यूटी, मार्केट सेस और कई इनकम टैक्स डिमांड से जुड़े विवादों का सामना कर रही है। हालांकि ऑडिटर्स ने अनमॉडिफाइड ओपिनियन दिया है, लेकिन ऑपरेशनल बिजनेस का न होना कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि 'Ananth BioOrganics' के बैनर तले कंपनी अपना बिजनेस दोबारा शुरू करने की दिशा में क्या ठोस कदम उठाती है।
