Gandhar Oil Refinery ने Q2 FY27 के लिए दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) सालाना आधार पर **368%** बढ़कर **₹186 करोड़** पर पहुंच गया है, जबकि रेवेन्यू में **73%** का उछाल दर्ज किया गया है।
आंकड़ों की जुबानी
कंपनी के प्रदर्शन में यह उछाल इसलिए भी खास है क्योंकि सिलवासा यूनिट में आई बाढ़ के कारण कंपनी को ₹21 करोड़ का एकमुश्त नुकसान भी झेलना पड़ा था। इसके बावजूद, कंपनी ने शानदार रिकवरी दिखाते हुए रेवेन्यू को ₹1,847 करोड़ तक पहुंचाया है।
मार्जिन और ऑपरेशनल परफॉर्मेंस
मुनाफे में इस भारी बढ़त के पीछे मुख्य कारण बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी और इंडेक्स-लिंक्ड प्राइसिंग है। कंपनी का ग्रॉस मार्जिन स्प्रेड प्रति किलोलीटर ₹29,128 रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि में सिर्फ ₹9,000 था। साथ ही, EBITDA मार्जिन पिछले साल के 6.2% से बढ़कर 15.6% हो गया है।
सेगमेंट और कर्ज की स्थिति
कंपनी के PIO सेगमेंट में 23% की वॉल्यूम ग्रोथ देखी गई है, जिसमें पावर और रबर इंडस्ट्रीज की मजबूत मांग का बड़ा हाथ है। कंपनी ने अपनी बैलेंस शीट को भी मजबूत किया है, जिसमें कंसोलिडेटेड कर्ज घटकर ₹85 करोड़ रह गया है।
आगे की चुनौतियां
मैनेजमेंट ने वेस्ट एशिया (West Asia) में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव को लेकर चिंता जाहिर की है। इससे कंपनी की UAE स्थित यूनिट, Texol, की शिपिंग और लॉजिस्टिक्स प्रभावित हो सकती है। फिलहाल निवेशकों को बेस ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और फ्रेट लागत पर नजर रखनी चाहिए।
