Gala Global Products ने अपनी 16वीं AGM **29 सितंबर, 2026** को बुलाई है। कंपनी भारी वित्तीय संकट से जूझ रही है और उसे **₹7.10 करोड़** का नेट लॉस हुआ है। अब बोर्ड शेयरधारकों से इनसॉल्वेंसी (Insolvency) प्रक्रिया शुरू करने की मंजूरी मांगेगा।
बिगड़ते फाइनेंशियल हालात
कंपनी के लिए पिछला फाइनेंशियल ईयर बेहद खराब रहा है। इसका टोटल इनकम 56% घटकर ₹18.36 करोड़ रह गया है, जबकि नेट लॉस बढ़कर ₹7.10 करोड़ पर पहुंच गया है। मैनेजमेंट के अनुसार, कारोबार में गिरावट और वॉल्यूम कम होने की वजह से यह स्थिति पैदा हुई है।
AGM का एजेंडा और इनसॉल्वेंसी का डर
कंपनी की 16वीं AGM में कई अहम फैसलों पर मुहर लगनी है। इसमें ₹20 करोड़ तक के रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शंस के साथ-साथ सबसे बड़ा मुद्दा IBC, 2016 के तहत इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन शुरू करने का है। बोर्ड इसके लिए शेयरधारकों से 'इनेबलिंग मैंडेट' (Enabling Mandate) की मांग कर रहा है।
ऑडिटर्स की कड़ी टिप्पणी
कंपनी की मुश्किलें सिर्फ घाटे तक सीमित नहीं हैं। ऑडिटर्स ने इंटरनल कंट्रोल और अकाउंटिंग प्रथाओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कंपनी ₹13 करोड़ की इनटेंजिबल एसेट्स को अमोर्टाइज करने में फेल रही है और रिसीवेबल्स के लिए लॉस अलाउंस भी नहीं बनाया गया है।
गवर्नेंस पर गंभीर सवाल
रेगुलेटरी कंप्लायंस में भी बड़ी चूक सामने आई है। सॉफ्टवेयर लाइसेंस खत्म होने के कारण कंपनी 4 महीने तक डिजिटल डेटाबेस लॉग मेंटेन नहीं कर सकी। इसके अलावा, पूरे साल कोई डेडिकेटेड इंटरनल ऑडिट फंक्शन न होना कंपनी के गवर्नेंस और ओवरसाइट मैकेनिज्म पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। वित्तीय दबाव को देखते हुए कंपनी ने इस साल कोई डिविडेंड (Dividend) देने की सिफारिश नहीं की है।
