GVK Power & Infrastructure ने अपनी 32वीं AGM आयोजित की, लेकिन कंपनी इस समय गंभीर कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस (CIRP) से गुजर रही है। रेजोल्यूशन प्रोफेशनल ने साफ किया है कि क्रेडिटर्स की कमेटी (CoC) द्वारा पिछली योजनाओं को खारिज करने के बाद अब कंपनी के पास या तो नए सिरे से प्रयास करने का विकल्प है या फिर लिक्विडेशन (Liquidation) की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
32वीं AGM की मुख्य बातें
बोर्ड के निलंबन के बाद, NCLT द्वारा नियुक्त रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (Resolution Professional) की अध्यक्षता में यह 32वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) संपन्न हुई। कंपनी का भविष्य अब पूरी तरह से इस बात पर निर्भर है कि क्रेडिटर्स की कमेटी (Committee of Creditors) आगे क्या फैसला लेती है। अब स्थिति ऐसी है कि या तो परिसंपत्तियों (Assets) की बिक्री होगी या फिर कंपनी को पूरी तरह बंद करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
कंपनी के लिए संकट क्यों है?
कंपनी ने जुलाई 2024 से ही इन्सॉल्वेंसी की प्रक्रिया शुरू की थी। मौजूदा संकट का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक दो रिजॉल्यूशन प्लान्स को क्रेडिटर्स की कमेटी ने IBC के नियमों के उल्लंघन और मानकों पर खरा न उतरने के कारण सिरे से खारिज कर दिया है। इस स्थिति ने निवेशकों के बीच भारी अनिश्चितता पैदा कर दी है।
निवेशकों के लिए क्या बदलेगा?
कंपनी का मैनेजमेंट और तमाम अधिकार फिलहाल रेजोल्यूशन प्रोफेशनल के हाथों में हैं। वर्तमान में कंपनी एक 'होल्डिंग पैटर्न' में है। शेयरहोल्डर्स के लिए सबसे बड़ा रिस्क यह है कि अगर लिक्विडेशन की प्रक्रिया शुरू होती है, तो इक्विटी वैल्यू पर बुरा असर पड़ सकता है।
आगे क्या देखना जरूरी है?
निवेशकों को अब BSE की फाइलिंग्स पर पैनी नजर रखनी चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण अपडेट वह होगा जिसमें CoC यह तय करेगी कि क्या फिर से बिडिंग (Bidding) शुरू होगी या कंपनी को खत्म करने (Liquidation) का फैसला लिया जाएगा।
