GCCL Infrastructure & Projects के लिए सितंबर तिमाही बेहद चुनौतीपूर्ण रही है। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू **शून्य (Zero)** रहा है और कंपनी को **₹12.18 लाख** का नेट लॉस हुआ है।
कारोबार पर संकट
कंपनी के सितंबर तिमाही के आंकड़ों से साफ है कि ऑपरेशंस अभी भी पूरी तरह से ठप हैं। वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹0 रहा है, जबकि खर्चों का दबाव बना हुआ है। मुख्य रूप से फाइनेंस कॉस्ट और डेप्रिसिएशन के चलते कंपनी को ₹12.18 लाख का घाटा उठाना पड़ा है। आधे साल (हाफ-ईयर) की बात करें तो कुल नुकसान ₹13.95 लाख तक पहुंच गया है।
क्यों रुकी है रफ्तार?
GCCL Infrastructure वर्तमान में 'प्री-पैकेज्ड इंसॉल्वेंसी रिजोल्यूशन' प्रक्रिया से गुजर रही है। NCLT अहमदाबाद ने 2023 में इसके रिजोल्यूशन प्लान को मंजूरी दी थी। कंपनी फिलहाल कानूनी औपचारिकताएं और अमलगमेशन (Amalgamation) की प्रक्रियाओं को पूरा करने पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही है।
घटती लिक्विडिटी
कंपनी की नकदी की स्थिति पर भी दबाव साफ दिख रहा है। 30 सितंबर, 2026 तक कैश और कैश इक्विवेलेंट घटकर मात्र ₹1 लाख रह गए हैं, जबकि मार्च 2026 में यह ₹83.07 लाख थे। फिलहाल करंट फाइनेंशियल लायबिलिटीज ₹84.17 लाख दर्ज की गई हैं।
आगे क्या?
निवेशकों को कंपनी की ओर से आने वाले फाइलिंग्स पर नजर रखनी चाहिए, ताकि यह पता चल सके कि अमलगमेशन की प्रक्रिया कब पूरी होगी और कंपनी का कामकाज दोबारा कब शुरू हो सकता है।
