Futura Polyesters ने जून 2024 तिमाही के लिए **₹1.42 करोड़** का नेट लॉस रिपोर्ट किया है। कंपनी ने **₹243.45 करोड़** का कर्ज चुकाकर बड़ी राहत पाई है, लेकिन ऑडिटर ने इसके कामकाज को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
कर्ज का बोझ कम, लेकिन चुनौती बरकरार
Futura Polyesters ने लंबे समय से चले आ रहे कर्ज विवाद पर एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने 23 जून 2025 को बैंकों के साथ ₹243.45 करोड़ का वन-टाइम सेटलमेंट (OTS) पूरा कर लिया है और सभी बैंकों से 'नो ड्यू सर्टिफिकेट' हासिल कर लिए हैं। हालांकि, कंपनी की वित्तीय स्थिति अभी भी बेहद कमजोर बनी हुई है। जून 2024 तिमाही में कंपनी ने ₹1.42 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया है।
ऑडिटर की चेतावनी (Auditor's Warning)
कंपनी के ऑडिटर्स ने 'क्वालिफाइड ओपिनियन' जारी करते हुए कंपनी के भविष्य (Going Concern) पर संदेह जताया है। रिपोर्ट के अनुसार:
- कंपनी की नेटवर्थ पूरी तरह खत्म (Eroded) हो चुकी है।
- 2012 से कंपनी का कोई सक्रिय कामकाज (Active Operations) नहीं चल रहा है।
- बैंकों द्वारा कंपनी के कर्ज को पहले ही NPA (Non-Performing Asset) की श्रेणी में रखा गया है।
- ब्याज प्रावधानों और पेनल्टी इंटरेस्ट को लेकर भी कंपनी की बैलेंस शीट में स्पष्टता की कमी है।
आगे की राह और रिस्क
मैनेजमेंट ने माना है कि स्टाफ की कमी के चलते सितंबर 2020 से कई रेगुलेटरी फाइलिंग्स पेंडिंग हैं, जिन्हें अब क्लियर करने का वादा किया गया है। निवेशकों के लिए सबसे बड़ा रिस्क यह है कि कर्ज सेटल होने के बाद भी कंपनी के पास बिजनेस का कोई ठोस प्लान नजर नहीं आ रहा है। फिलहाल, कंपनी की ऑपरेशनल वायबिलिटी (Operational Viability) पूरी तरह से सवालों के घेरे में है।
