Futura Polyesters ने सितंबर 2024 तिमाही के लिए **₹15.63 करोड़** का नेट लॉस रिपोर्ट किया है। साल 2012 से मैन्युफैक्चरिंग बंद कर चुकी इस कंपनी के ऑडिटर्स ने नेट वर्थ खत्म होने और कंपनी के भविष्य को लेकर भारी चिंता जताई है।
भारी वित्तीय दबाव में कंपनी
कंपनी के वित्तीय नतीजों पर नजर डालें तो सितंबर तिमाही में ₹15.63 करोड़ के लॉस के साथ, छमाही का कुल घाटा बढ़कर ₹17.05 करोड़ पहुंच गया है। मैनेजमेंट ने बताया कि वन-टाइम मैनेजमेंट फीस और फाइनेंस कॉस्ट के कारण आंकड़ों पर दबाव बना है।
ऑडिटर्स की चेतावनी (Auditor Red Flags)
स्टैच्यूरी ऑडिटर V.S. Somani & Co. ने अपनी रिपोर्ट में कई गंभीर बातें कही हैं:
- अकाउंटिंग में खामियां: कंपनी ने पूरा फाइनेंस कॉस्ट और पेनल्टी इंटरेस्ट नहीं दिखाया है, जिससे असली नुकसान के आंकड़े इससे भी बड़े हो सकते हैं।
- गोइंग कंसर्न का संकट: ऑडिटर ने साफ तौर पर कहा है कि कंपनी की नेट वर्थ पूरी तरह खत्म हो चुकी है और इसके भविष्य के कामकाज पर बड़ा सवालिया निशान है।
- NPA का बोझ: कंपनी के सभी कर्ज लेंडर्स द्वारा नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) के रूप में वर्गीकृत किए जा चुके हैं।
डेट सेटलमेंट और प्रशासनिक चुनौतियां
एक तरफ जहां कंपनी संकट में है, वहीं उसने लेंडर्स के साथ 'वन-टाइम सेटलमेंट' (OTS) कर ₹243.45 करोड़ का भुगतान करके 'नो ड्यू सर्टिफिकेट' हासिल कर लिया है। लेकिन कंपनी की एडमिनिस्ट्रेटिव हालत ठीक नहीं है; स्टाफ की कमी के कारण 2020 से ही फाइनेंशियल फाइलिंग्स का बैकलॉग जमा है, जिसे अब धीरे-धीरे पूरा किया जा रहा है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
निवेशकों को अब कंपनी की भविष्य की योजनाओं पर नजर रखनी चाहिए। बड़ा रिस्क यह है कि क्या कर्ज मुक्त होने के बाद कंपनी किसी नए बिजनेस में कदम रखेगी या फिर नेट वर्थ जीरो होने के चलते कंपनी का भविष्य अंधकार में ही रहेगा।
