Futura Polyesters ने दिसंबर 2020 के अपने पेंडिंग फाइनेंशियल रिजल्ट्स जारी कर दिए हैं। हालांकि कंपनी ने **₹243.45 करोड़** का कर्ज चुका दिया है, लेकिन ऑडिटर्स ने कंपनी की आर्थिक स्थिति और भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
भारी भरकम बकाया और खुलासे
कंपनी ने लंबे समय से अटके हुए फाइनेंशियल रिजल्ट्स को BSE के सामने रखा है। कंपनी का कहना है कि फाइनेंस और कंप्लायंस टीम में भारी स्टाफ की कमी के चलते ये फाइलिंग सालों तक पेंडिंग रही। रिपोर्ट में डिस्क्वालिफाइड ऑपरेशंस से ₹158.39 लाख का नुकसान और टोटल कॉम्प्रिहेंसिव इनकम ₹131.70 लाख बताई गई है।
ऑडिटर्स की कड़ी टिप्पणी
ऑडिटर V.S. Somani & Co. ने कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ को लेकर गंभीर चिंता जताई है। ऑडिटर्स का साफ कहना है कि कंपनी द्वारा लिए गए बैंक कर्ज पर फाइनेंस कॉस्ट और पैनल इंटरेस्ट का प्रोविजन नहीं किया गया है, जो कि NPA में तब्दील हो चुके हैं।
कर्ज से मुक्ति पर क्या है अपडेट?
जून 2025 में कंपनी ने एक बड़ी राहत की सांस ली थी, जब उसने ₹243.45 करोड़ का वन-टाइम सेटलमेंट (OTS) पूरा करके लेंडर्स से 'नो ड्यू सर्टिफिकेट' हासिल किया। इसके अलावा, लिक्विडिटी मैनेज करने के लिए कंपनी ने 1.40 एकड़ जमीन ₹442.77 लाख में बेची है।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks)
कंपनी की नेटवर्थ पूरी तरह खत्म हो चुकी है और लगातार घाटे के कारण ऑडिटर्स ने इसे 'Going Concern' (कंपनी का भविष्य में चलना) के नजरिए से अनिश्चित माना है। निवेशकों के लिए यहाँ जोखिम बहुत ज्यादा है, क्योंकि कंपनी की फंडामेंटल स्थिति अभी भी बेहद कमजोर बनी हुई है।
