Futura Polyesters ने **₹243.45 करोड़** का वन-टाइम सेटलमेंट (OTS) करके लेंडर्स से 'नो ड्यू सर्टिफिकेट' हासिल कर लिया है। कंपनी अब अपनी रुकी हुई फाइनेंशियल फाइलिंग्स को भी दुरुस्त करने में जुटी है।
कर्ज का बोझ कम, पर चुनौतियां बरकरार
Futura Polyesters ने अपने कर्जदारों के साथ ₹243.45 करोड़ का वन-टाइम सेटलमेंट (OTS) पूरा कर लिया है और कंपनी को बैंकों से 'नो ड्यू सर्टिफिकेट' मिल गया है। कंपनी ने सितंबर 2020 से मार्च 2025 तक के पेंडिंग फाइनेंशियल डिस्क्लोजर को भी फाइल करना शुरू कर दिया है। मैनेजमेंट का कहना है कि स्टाफ की कमी और प्रशासनिक दिक्कतों की वजह से फाइलिंग में देरी हुई थी।
ऑडिटर्स की कड़ी चेतावनी
कंपनी ने कर्ज तो चुका दिया है, लेकिन ऑडिटर्स (V.S. Somani & Co.) की टिप्पणी निवेशकों के लिए एक बड़ा 'रेड फ्लैग' है। ऑडिटर्स का मानना है कि कंपनी की नेट वर्थ पूरी तरह खत्म हो चुकी है और इंटरेस्ट लायबिलिटीज को भी कम करके दिखाया गया है। ब्याज की दरों का सही प्रावधान न करने के कारण कंपनी के घाटे के आंकड़े वास्तविकता से कम हो सकते हैं।
रिस्क फैक्टर: क्या निवेश सुरक्षित है?
कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस 2012 से ही बंद हैं, जिससे भविष्य के बिजनेस पर बड़ा सवालिया निशान है।
- दिसंबर 2023 तिमाही: कंपनी को ₹142.10 लाख का नेट लॉस हुआ।
- 9 महीने का प्रदर्शन: घाटा बढ़कर ₹417.93 लाख तक पहुंच गया है।
ऑडिटर्स के अनुसार, मौजूदा हालात में कंपनी का 'गोइंग कंसर्न' (बिजनेस जारी रहने) के रूप में टिके रहना मुश्किल है, जो इसे निवेशकों के लिए एक बेहद हाई-रिस्क बेट बनाता है।
