Futura Polyesters ने लंबी चुप्पी तोड़ते हुए अपने पेंडिंग फाइनेंशियल रिजल्ट्स जारी करना शुरू कर दिया है। हालांकि कंपनी ने **₹243.45 करोड़** का वन-टाइम सेटलमेंट पूरा कर लिया है, लेकिन ऑडिटर्स ने कंपनी के 'गोइंग कंसर्न' स्टेटस पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सालों का पेंडिंग बैकलॉग हुआ क्लियर
Futura Polyesters Ltd ने आखिरकार SEBI के नियमों का पालन करते हुए अपने पेंडिंग फाइनेंशियल रिजल्ट्स जारी करने का काम शुरू कर दिया है। कंपनी ने 2020 से लेकर 2025 तक की 19 तिमाहियों के रिजल्ट्स का खुलासा करना शुरू किया है। कंपनी लंबे समय से एडमिनिस्ट्रेटिव दिक्कतों और मैनपावर की कमी का सामना कर रही थी।
जून 2023 तिमाही के नतीजे
जून 2023 तिमाही के लिए कंपनी ने ₹1.37 करोड़ का नेट लॉस रिपोर्ट किया है, जबकि फाइनेंस कॉस्ट ₹1.38 करोड़ रही। गौरतलब है कि कंपनी ने 19 दिसंबर 2012 को ही अपना कामकाज बंद कर दिया था, इसलिए ये सभी नतीजे 'डिस्कंटीन्यूड ऑपरेशन्स' (Discontinued Operations) के तहत आते हैं।
ऑडिटर्स की चेतावनी और रिस्क
कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती इसके ऑडिटर्स V. S. Somani & Co. द्वारा दी गई 'क्वालिफाइड ओपिनियन' है। ऑडिटर्स ने मुख्य रूप से दो बातों पर आपत्ति जताई है:
- पेनल इंटरेस्ट: बैंक द्वारा लगाए गए पेनल इंटरेस्ट और 14.25% से अधिक की फाइनेंस कॉस्ट का सही प्रोविजन नहीं किया गया है।
- नेट वर्थ: कंपनी की नेट वर्थ पूरी तरह खत्म हो चुकी है।
इन कारणों से ऑडिटर्स को डर है कि कंपनी अब एक 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) के रूप में काम करने में सक्षम नहीं है। हालांकि, 23 जून 2025 को कंपनी ने लेंडर्स के साथ ₹243.45 करोड़ का वन-टाइम सेटलमेंट (OTS) पूरा कर 'नो ड्यू सर्टिफिकेट' हासिल कर लिया है, जो राहत की बात है। अब निवेशकों की नजर कंपनी के भविष्य के कॉर्पोरेट फैसलों और कामकाज को पूरी तरह बंद करने की योजना पर टिकी है।
