Fujiyama Power Systems Ltd ने **₹1,200 करोड़** तक की पूंजी जुटाने का प्रस्ताव रखा है। कंपनी यह फंड QIP या प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए जुटाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य कर्ज कम करना और SEBI के नियमों का पालन करना है।
फंड जुटाने की तैयारी
Fujiyama Power Systems ने बाजार से ₹1,200 करोड़ जुटाने के लिए औपचारिक कदम उठा लिए हैं। कंपनी यह राशि क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) या प्राइवेट प्लेसमेंट जैसे विकल्पों के जरिए हासिल करेगी। बोर्ड ने इसे फिलहाल एक 'इनेबलिंग रेजोल्यूशन' बताया है, यानी बाजार की स्थितियों को देखते हुए अगले एक साल में इसे कभी भी लागू किया जा सकता है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
इस फंडरेजिंग के पीछे दो बड़े कारण हैं:
- SEBI के नियम: कंपनी मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग (MPS) के नियमों को पूरा करना चाहती है।
- कर्ज का बोझ: जुटाई गई राशि का इस्तेमाल कर्ज को कम करने और कंपनी की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा।
शेयरहोल्डर्स के लिए जरूरी तारीखें
इस प्रस्ताव पर मुहर लगाने के लिए ई-वोटिंग प्रक्रिया 23 अक्टूबर, 2026 से शुरू हो रही है, जो 21 नवंबर, 2026 को समाप्त होगी। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि प्रमोटर्स इस फंडरेजिंग में भाग नहीं लेंगे, जिससे यह साफ है कि सारा पैसा बाहरी संस्थागत निवेशकों से आएगा।
जोखिम और सतर्कता
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि इस प्रक्रिया से शेयर की Equity Dilution (हिस्सेदारी में कमी) हो सकती है, जो इस बात पर निर्भर करेगा कि फंड किस कीमत पर जुटाया जाता है। यदि इश्यू का साइज ₹100 करोड़ से ऊपर जाता है, तो इसके इस्तेमाल की निगरानी एक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी द्वारा की जाएगी।
