Fortune International Limited के लिए फाइनेंशियल ईयर 2025-26 चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी ने अपने एनुअल फाइलिंग में ऑपरेशनल रेवेन्यू को 'निल' बताया है, हालांकि कंसोलिडेटेड प्रॉफिट **₹4.52 करोड़** पर रहा है, जो कि इसकी सहयोगी कंपनी Fortune Stones Limited की कमाई पर टिका है।
मुनाफे का गणित और चिंताएं
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए जो आंकड़े पेश किए हैं, वे निवेशकों के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा करते हैं। कोर बिज़नेस ऑपरेशंस से कंपनी ने ₹0 का रेवेन्यू हासिल किया है। स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट केवल ₹0.17 करोड़ रहा, जो मुख्य रूप से डिविडेंड जैसे 'अदर इनकम' सोर्सेज से आया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड मुनाफा ₹4.52 करोड़ तक पहुंच पाया, क्योंकि इसमें सहयोगी कंपनी Fortune Stones Limited की कमाई शामिल है।
क्यों है यह चिंता की बात?
ट्रेडिंग हाउस होने के बावजूद मुख्य कारोबार से रेवेन्यू न आना बिज़नेस मॉडल पर सवाल उठाता है। निवेशक फिलहाल कंपनी के अपने परफॉर्मेंस के बजाय उसके सहयोगी यूनिट की वित्तीय सेहत पर निर्भर हैं। साथ ही, अब कंपनी के शेयर सिर्फ BSE Limited पर ट्रेड होंगे, क्योंकि फरवरी 2026 में इसे The Calcutta Stock Exchange से डीलिस्ट कर दिया गया था।
AGM और मैनेजमेंट में बदलाव
कंपनी की 44वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 30 सितंबर, 2026 को नई दिल्ली में बुलाई गई है। इसमें कुछ अहम फैसले लिए जाएंगे:
- Nivedan Bharadwaj को अगले 5 साल के लिए मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर री-अपॉइंट करने पर वोटिंग होगी।
- Rekha Shrivastava को फिर से डायरेक्टर के रूप में नियुक्त किया जाएगा।
- सेक्रेटरियल ऑडिटर के तौर पर Vishakha Harbola & Associates की नियुक्ति पर मुहर लग सकती है।
मैनेजमेंट का कहना है कि वे अभी भी गुड गवर्नेंस प्रैक्टिस का पालन कर रहे हैं, हालांकि कंपनी का पेड-अप कैपिटल इसे कुछ नियमों से छूट देता है।
