Exicom Tele-Systems के लिए मुसीबत बढ़ गई है। कस्टम विभाग ने कंपनी को **₹14.49 करोड़** की ड्यूटी और बराबर का जुर्माना यानी कुल **₹30.43 करोड़** भरने का आदेश दिया है। मामला सामान के गलत वर्गीकरण (Classification) से जुड़ा है।
विवाद की जड़: क्या है पूरा मामला?
कस्टम विभाग के प्रिंसिपल कमिश्नर ने एक 'ऑर्डर-इन-ओरिजिनल' जारी किया है। विवाद इस बात पर है कि कंपनी ने जिन इंपोर्टेड गुड्स को 'स्टैटिक कन्वर्टर फॉर टेलीकॉम' (Static Converters for Telecom) बताया था, कस्टम अधिकारियों का कहना है कि वे असल में 'इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जर्स' (EV Chargers) हैं। इस अंतर के कारण कंपनी को ड्यूटी में जो छूट मिल रही थी, विभाग ने उसे खारिज कर दिया है। 21 अगस्त, 2026 को जारी इस आदेश में कंपनी पर ₹14.49 करोड़ का टैक्स और इतना ही पेनल्टी लगाया गया है।
टॉप मैनेजमेंट पर भी गिरी गाज
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि कंपनी के बड़े अधिकारियों पर व्यक्तिगत जुर्माना भी लगाया गया है। कस्टम अथॉरिटी ने MD और CEO अनंत नाहटा, होल-टाइम डायरेक्टर विवेकानंद कुमार और CFO शिराज खन्ना में से प्रत्येक पर ₹1.45 करोड़ का जुर्माना ठोका है।
कंपनी का क्या है स्टैंड?
Exicom Tele-Systems ने स्पष्ट किया है कि वे इस आदेश को कानूनी रूप से चुनौती देंगे और तय समय सीमा में अपील दाखिल करेंगे। कंपनी के अनुसार, उनका वर्गीकरण कानूनी प्रावधानों के मुताबिक सही था। मैनेजमेंट ने निवेशकों को आश्वस्त किया है कि इस ऑर्डर का कंपनी के मौजूदा ऑपरेशंस या बिजनेस पर कोई बड़ा नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।
आगे क्या होगा?
इन्वेस्टर्स की नजर अब इस बात पर रहेगी कि कंपनी को कानूनी ट्रिब्यूनल में क्या राहत मिलती है। क्या उन्हें पेनल्टी भुगतान पर कोई स्टे (Stay) मिलता है या नहीं, यह स्टॉक की चाल के लिए अहम होगा।
