Evexia Lifecare के वित्तीय नतीजे मिले-जुले रहे हैं। कंपनी का मुनाफा **108.9%** बढ़कर **₹1.52 करोड़** हो गया है, लेकिन ऑडिटर ने एसेट वैल्यूएशन और रेगुलेटरी नियमों के उल्लंघन को लेकर 'क्वालीफाइड ओपिनियन' दिया है।
आंकड़ों में दमदार, गवर्नेंस में कमजोर
Evexia Lifecare ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू 25.7% बढ़कर ₹105.46 करोड़ रहा, जबकि नेट प्रॉफिट (PAT) 108.9% के उछाल के साथ ₹1.52 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि, ऑडिट रिपोर्ट में 'क्वालीफाइड ओपिनियन' (Qualified Opinion) का होना कंपनी की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
ऑडिटर की चेतावनी (Auditor's Concerns)
कंपनी के ऑडिटर्स ने कई महत्वपूर्ण खामियों की तरफ इशारा किया है:
- इन्वेस्टमेंट रिस्क: ₹711.31 करोड़ के निवेश का कोई उचित 'इम्पेयरमेंट टेस्टिंग' नहीं किया गया है।
- असेट मैनेजमेंट: कंपनी के पास फिक्स्ड एसेट का कोई प्रॉपर रजिस्टर नहीं है।
- सब्सिडियरी की हालत: Kavit Edible Oil जैसी सब्सिडियरी कंपनियां 2019 से बंद पड़ी हैं, जिससे उनकी वैल्यूएशन पर सवाल उठ रहे हैं।
रेगुलेटरी और कंप्लायंस का संकट
कंपनी को हाल ही में BSE द्वारा जुर्माना भी लगाया गया है। मुख्य समस्याओं में फाइनेंशियल रिजल्ट्स दाखिल करने में देरी, स्ट्रक्चर्ड डिजिटल डेटाबेस (SDD) का सही रिकॉर्ड न रखना और कंपनी सेक्रेटरी जैसे अहम पदों का लंबे समय तक खाली रहना शामिल है। इसके अलावा, कंपनी ने ₹200 करोड़ तक के संबंधित पार्टी लेनदेन (Related Party Transactions) के लिए शेयरहोल्डर्स से मंजूरी मांगी है।
आगे क्या करें निवेशक?
निवेशकों को अब कंपनी की ओर से इन ऑडिट कमियों को दूर करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर नजर रखनी चाहिए। विशेष रूप से ट्रेड रिसीवेबल्स (₹29.44 करोड़) और लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट्स की वैल्यूएशन पर मैनेजमेंट का स्पष्टीकरण बेहद जरूरी है। कंपनी के बोर्ड कंपोजिशन और इंटरनल कंट्रोल्स में सुधार ही भविष्य में भरोसा बहाल कर सकता है।
