Esha Media Research ने Q2 FY27 में **₹29.39 लाख** का नुकसान दर्ज किया है। कंपनी बड़े बदलावों के बीच अपना नाम बदलकर Emergent Media Research Labs करने जा रही है और श्रेया अग्रवाल को नया CEO नियुक्त किया है, लेकिन ऑडिटर्स ने कंपनी के 'गोइंग कंसर्न' स्टेटस पर सवाल उठाए हैं।
बड़े बदलाव और कायापलट की कोशिश
Q2 FY27 में कंपनी का नेट लॉस ₹29.39 लाख रहा, जबकि रेवेन्यू ₹82.28 लाख दर्ज किया गया। पिछले क्वार्टर के ₹65.19 लाख के मुकाबले घाटा कम जरूर हुआ है, लेकिन चुनौतियां कम नहीं हुई हैं।
कंपनी ने 52.5 लाख वॉरंट्स को इक्विटी में बदलकर पूंजी जुटाने का फैसला किया है, जिससे पेड-अप कैपिटल ₹14.06 करोड़ हो गई है। यह निवेश मुख्य रूप से Wealthwave Capital Fund और Parijata Trading Pvt Ltd की ओर से आया है।
ऑडिटर्स की चेतावनी (Risk Alert)
कंपनी की वित्तीय स्थिति पर S K Patodia & Associates LLP ने गंभीर चिंता जताई है। ऑडिटर्स का कहना है कि कंपनी की नेटवर्थ पूरी तरह खत्म हो चुकी है और देनदारियां (Liabilities), एसेट्स से कहीं ज्यादा हैं। इसे 'गोइंग कंसर्न' (Going-concern) संकट माना जा रहा है।
आगे क्या?
- कंपनी को अपनी पुरानी लोन लायबिलिटी (₹98.50 लाख) से जुड़ी कानूनी बाधाओं को सुलझाना होगा।
- मैनेजमेंट में बदलाव (श्रेया अग्रवाल की नियुक्ति) और रीब्रैंडिंग के बाद कंपनी किस तरह अपनी बैलेंस शीट को सुधारती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
- निवेशकों को आगामी रेगुलेटरी अप्रूवल और फंड्स के सही इस्तेमाल पर नजर रखनी चाहिए।
