Epigral Limited के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। कंपनी को असेसमेंट ईयर 2023-24 के लिए इनकम टैक्स विभाग से **₹28.11 करोड़** का डिमांड नोटिस मिला है। कंपनी ने इसे गलत बताते हुए कानूनी रास्ता अपनाने का फैसला किया है।
टैक्स डिमांड का पूरा मामला
Epigral Limited को डिप्टी कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स, वडोदरा की ओर से यह नोटिस प्राप्त हुआ है। यह डिमांड असेसमेंट ईयर 2023-24 (फाइनेंशियल ईयर 2022-23) से संबंधित है, जिसे आयकर अधिनियम, 1961 की विभिन्न धाराओं के तहत जारी किया गया है। कंपनी ने 28 अक्टूबर, 2026 को इसकी औपचारिक सूचना शेयर बाजार को दी।
कंपनी का क्या कहना है?
कंपनी मैनेजमेंट ने स्पष्ट किया है कि यह डिमांड नोटिस 'मेंटेनेबल' नहीं है और यह तथ्यात्मक रूप से गलत है। कंपनी के मुताबिक, इस नोटिस का कंपनी के डेली ऑपरेशन्स या फाइनेंशियल हेल्थ पर कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा।
आगे की राह और रिस्क फैक्टर्स
Epigral इस नोटिस के खिलाफ दो-तरफा रणनीति पर काम कर रही है:
- रेक्टिफिकेशन एप्लीकेशन (Rectification Application): कंपनी इसमें सुधार के लिए आवेदन करेगी।
- फॉर्मल अपील (Formal Appeal): कंपनी तय समय सीमा के भीतर संबंधित अथॉरिटी के सामने अपील दायर करेगी।
निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि अगर फैसला कंपनी के पक्ष में नहीं आता है, तो भविष्य में यह राशि कंपनी के कैश रिजर्व पर असर डाल सकती है। आने वाले समय में Income Tax Appellate Tribunal (ITAT) या उच्च अधिकारियों की ओर से क्या फैसला आता है, इस पर बाजार की नजरें टिकी रहेंगी।
