Emerald Leisures के प्रमोटर निखिल विनोद मेहता ने कंपनी में अपनी **25.50%** हिस्सेदारी को गिरवी (Pledge) रख दिया है। कंपनी ने **₹105 करोड़** का अनलिस्टेड कर्ज जुटाया है, जिसका इस्तेमाल विस्तार और पुराने कर्ज को चुकाने में किया जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
प्रमोटर निखिल विनोद मेहता ने 38.30 लाख शेयर यानी कंपनी की कुल इक्विटी का 25.50% हिस्सा गिरवी रखा है। यह कदम ₹105 करोड़ के अनलिस्टेड 10% सिक्योरड नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी करने के लिए उठाया गया है। इस डील के लिए Lighthouse Canton Alternatives Asset Manager को फाइनेंसिंग पार्टनर बनाया गया है और Beacon Trusteeship लिमिटेड इसकी ट्रस्टी होगी। सुरक्षा के लिहाज से, इस कर्ज के बदले ₹137.89 करोड़ मूल्य के शेयर गिरवी रखे गए हैं, जिसका सिक्योरिटी कवर 1.31 है।
पैसा कहां खर्च होगा?
जुटाए गए फंड का इस्तेमाल कई महत्वपूर्ण कार्यों के लिए होगा:
- ₹25 करोड़: क्लब के विस्तार (Club Expansion) पर खर्च किए जाएंगे।
- ₹20 करोड़: आदित्य बिड़ला कैपिटल (Aditya Birla Capital) का पुराना कर्ज चुकाया जाएगा।
- ₹30 करोड़: SRA-संबंधित खर्चों के लिए रखे गए हैं।
निवेशकों के लिए चेतावनी
प्रमोटर की कुल 31.12% हिस्सेदारी में से 25.50% का गिरवी होना एक बड़ी चिंता का विषय है, क्योंकि यह प्रमोटर होल्डिंग का एक बड़ा हिस्सा है। इसके अलावा, ये NCDs 'अनरेटेड' (Unrated) हैं, जिसका मतलब है कि मार्केट के पास इनके क्रेडिट रिस्क को जांचने का कोई आधिकारिक रेटिंग डेटा उपलब्ध नहीं है। निवेशकों को कंपनी के कैश फ्लो और प्रोजेक्ट की प्रगति पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि भविष्य में कंपनी की देनदारियां काफी बढ़ गई हैं।
