Eco Hotels and Resorts ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **₹4.99 करोड़** तक पहुंच गया है, लेकिन तेजी से हो रहे विस्तार के कारण कंपनी का घाटा बढ़कर **₹10.83 करोड़** हो गया है।
भारी विस्तार का असर
कंपनी ने वाराणसी, वडोदरा, अयोध्या और उदयपुर जैसे शहरों में अपने होटल नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया है। रेवेन्यू में पिछले साल के ₹1.09 करोड़ से बढ़कर ₹4.99 करोड़ तक की छलांग इस बात का सबूत है कि नए होटल प्रॉपर्टीज अब चालू हो चुकी हैं। हालांकि, इस आक्रामक विस्तार की लागत कंपनी के बॉटम लाइन पर भारी पड़ रही है, जिससे घाटा ₹3.55 करोड़ से बढ़कर ₹10.83 करोड़ तक पहुंच गया है।
AGM में बड़े फैसले
आगामी 30 सितंबर, 2026 को होने वाली 39वीं AGM (Annual General Meeting) में शेयरधारकों के सामने कई बड़े प्रस्ताव रखे जाएंगे:
- ऑडिटर्स की नियुक्ति: कंपनी M/s. K. M. Garg & Co. को अगले 5 सालों के लिए नए वैधानिक ऑडिटर के तौर पर नियुक्त करने की तैयारी में है।
- स्वेट इक्विटी (Sweat Equity): कंपनी अपने एग्जीक्यूटिव चेयरमैन विनोद कुमार त्रिपाठी को 12.88 लाख से अधिक स्वेट इक्विटी शेयर जारी करने का प्रस्ताव पेश करेगी। ये शेयर ₹13.65 प्रति शेयर की कीमत पर प्रस्तावित हैं।
आगे की राह
निवेशकों के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण होगा कि वे कंपनी के RevPAR (Revenue per Available Room) और ऑक्यूपेंसी डेटा पर नजर रखें। कंपनी कब तक अपने इन्वेस्टमेंट-हैवी मॉडल से निकलकर प्रॉपर्टी-लेवल पर प्रॉफिटेबिलिटी हासिल कर पाएगी, यही लॉन्ग-टर्म सस्टेनेबिलिटी का असली पैमाना होगा।
