Ebix Limited (पूर्व में Eraaya Lifespaces) ने FY26 में **₹2,437.86 करोड़** का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले **64.6%** ज्यादा है। हालांकि, कंपनी का नेट लॉस बढ़कर **₹452.75 करोड़** हो गया है, और ऊपर से ईडी (ED) की जांच और NCLT के कानूनी मामले निवेशकों के लिए बड़ी मुसीबत बने हुए हैं।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का हाल
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस साल कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल के ₹1,480.52 करोड़ से बढ़कर ₹2,437.86 करोड़ पर पहुंच गया है। वहीं, अगर नेट लॉस की बात करें, तो यह पिछले साल के ₹312.02 करोड़ से बढ़कर ₹452.75 करोड़ हो गया है।
निवेशक क्यों हैं परेशान?
रेवेन्यू में ग्रोथ के बावजूद, ऑडिटर्स ने कंपनी के इंटरनल कंट्रोल्स को लेकर 'क्वॉलिफाइड ओपिनियन' दी है। ऑडिटर्स ने स्टैच्युअरी ड्यूज (Statutory dues) में देरी और CCPS इन्वेस्टमेंट व इंटर-कॉरपोरेट डिपॉजिट्स के बिज़नेस रेशनल पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
कानूनी शिकंजे का असर
कंपनी के लिए मुश्किलें सिर्फ फाइनेंशियल नहीं हैं:
- ED जांच: एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट ने Ebix Inc. में निवेश पर अटैचमेंट ऑर्डर जारी किए हैं।
- प्रमोटर पर संकट: प्रमोटर विकास गर्ग जुलाई 2026 तक हिरासत में हैं।
- NCLT का दबाव: NCLT में चल रहे कई मामलों ने कंपनी की स्थिरता पर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
इसके अलावा, इंग्लैंड और वेल्स की हाई कोर्ट में USD 40 मिलियन एस्क्रो (Escrow) मामले को लेकर भी सुनवाई जारी है। हालिया मैनेजमेंट बदलाव और रिलेटेड-पार्टी ट्रांजेक्शन में स्पष्टता की कमी निवेशकों के लिए एक बड़ा 'एग्जीक्यूशन रिस्क' है।
