EPL Ltd ने Indovida India Private Limited के साथ विलय (merger) के लिए BSE और NSE से 'नो ऑब्जेक्शन' लेटर हासिल कर लिया है। इस रेगुलेटरी मंजूरी के साथ ही कंपनी अब NCLT में याचिका दायर करने की दिशा में आगे बढ़ सकेगी।
मर्जर की प्रक्रिया में बड़ा पड़ाव
EPL Ltd ने मार्च 2026 में शुरू की गई अपनी अमलगमेशन (amalgamation) की योजना को आगे बढ़ाते हुए एक बड़ी कानूनी बाधा पार कर ली है। स्टॉक एक्सचेंजों की इस मंजूरी को कंपनी के पुनर्गठन (restructuring) के लिए एक महत्वपूर्ण स्टेप माना जा रहा है।
रेगुलेटरी शर्तें और नियम
एक्सचेंजों ने NCLT फाइलिंग के लिए कुछ कड़े दिशा-निर्देश तय किए हैं, जिनका पालन कंपनी को करना होगा:
- कंपनी या प्रमोटरों से जुड़ी किसी भी लंबित कानूनी कार्रवाई (litigation) या रिकवरी प्रोसीडिंग्स का पूरा खुलासा करना अनिवार्य है।
- फाइलिंग में इस्तेमाल किए जाने वाले फाइनेंशियल स्टेटमेंट और वैल्यूएशन डेटा 6 महीने से ज्यादा पुराने नहीं होने चाहिए।
- निवेशकों के सामने मर्जर का तर्क और कॉस्ट-बेनिफिट एनालिसिस पूरी पारदर्शिता के साथ रखना होगा।
- नए शेयर केवल डीमैट (demat) फॉर्म में ही जारी किए जाएंगे।
आगे की राह और रिस्क
कंपनी के पास इन लेटर्स की वैलिडिटी अप्रैल 2027 तक है, जिसके भीतर उन्हें NCLT में याचिका दाखिल करनी होगी। निवेशकों को अब आगे होने वाली क्रेडिटर और शेयरहोल्डर मीटिंग्स पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि अभी भी अंतिम अदालती मंजूरी (court sanction) मिलना बाकी है।
