ECS Biztech के प्रमोटर्स ने अपनी पूरी **65.42%** हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है। कंपनी ने Q2 में मामूली मुनाफा दर्ज किया है, लेकिन निवेशकों की नजर अब कंपनी में होने वाले मैनेजमेंट बदलाव पर टिकी है।
मुनाफे के आंकड़े
Q2 2026 के नतीजों में कंपनी का रेवेन्यू ₹0.87 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹0.75 करोड़ था। कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹0.09 करोड़ (लगभग ₹9.31 लाख) दर्ज किया गया है, जबकि पिछले साल यह ₹0.07 करोड़ था।
ओनरशिप में बड़ा बदलाव
ECS Biztech के लिए यह तिमाही आर्थिक नतीजों से कहीं अधिक मालिकाना हक के बदलाव के लिए महत्वपूर्ण है। प्रमोटर्स ने 29 जुलाई, 2026 को एक शेयर परचेज एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत वे कंपनी में अपनी पूरी 65.42% हिस्सेदारी से बाहर निकल जाएंगे। इसके साथ ही, जुलाई में कंपनी ने ₹1.06 करोड़ के फिक्स्ड एसेट्स और स्टॉक को एक ग्रुप एंटिटी को ट्रांसफर करने का खुलासा किया है।
निवेशकों के लिए जोखिम और संकेत
यह डील सीधे तौर पर कंपनी की लीडरशिप और भविष्य की दिशा में बड़े बदलाव की ओर इशारा करती है। हालांकि ऑडिट रिपोर्ट में Purushottam Khandelwal & Co. ने सब कुछ नियमों के मुताबिक बताया है, लेकिन निवेशकों के लिए अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि नया मैनेजमेंट कौन होगा और कंपनी का बिजनेस मॉडल किस तरफ मुड़ेगा। ओपन ऑफर और कंट्रोल के हस्तांतरण से जुड़ी रेगुलेटरी घोषणाओं पर नजर रखना बेहद जरूरी है।
