Aspect Global Ventures द्वारा कंट्रोल अपने हाथ में लेने के बाद, Duke Offshore Ltd ने अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी अब अपनी मरीन सर्विसेज को छोड़कर माइनिंग, एनर्जी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर में एंट्री करने की तैयारी कर रही है।
क्या है कंपनी का नया प्लान?
अपनी 40वीं AGM (एनुअल जनरल मीटिंग) में कंपनी ने बिजनेस के नए क्षेत्रों में विस्तार करने का खाका पेश किया है। अब कंपनी अपना ध्यान माइनिंग, मेटल्स, एनर्जी (जिसमें रिन्यूएबल्स शामिल हैं) और AI जैसे हाई-ग्रोथ सेक्टर पर केंद्रित करेगी।
बड़े वित्तीय बदलाव
कंपनी ने अपनी ऑथोराइज्ड कैपिटल को ₹30 करोड़ से बढ़ाकर ₹100 करोड़ करने का प्रस्ताव रखा है। साथ ही, कंपनी ने अपने पुराने मरीन एसेट्स (जैसे जहाज और स्पीड बोट्स) को ₹100 करोड़ तक की वैल्यू में बेचने की अनुमति मांगी है। इसके अलावा, प्रमोटर्स के साथ ट्रांजैक्शंस के लिए ₹100 करोड़ और इंटर-कॉर्पोरेट लोन के लिए ₹500 करोड़ की नई लिमिट तय की गई है।
लीडरशिप में बदलाव
ट्रांजिशन को सुचारू रूप से चलाने के लिए Ashutosh Janak Kumar Thakar को 5 साल के लिए होल-टाइम डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। बोर्ड में कई नए इंडिपेंडेंट और नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स को भी शामिल किया गया है, जिनमें Vaibhav Agarwal, Rajesh Chunilal Bhojani, Arjun Bikas Dutta, Aksha Mohit Kamboj और Sukumar Anand Shetty शामिल हैं।
निवेशकों के लिए जोखिम और संकेत
मरीन सर्विसेज से हटकर माइनिंग और AI जैसे कैपिटल-इंटेंसिव सेक्टर में जाना कंपनी के लिए एक बड़ा चैलेंज हो सकता है। फिलहाल निवेशकों की नजरें वोटिंग नतीजों और आने वाली क्वार्टरली फाइलिंग्स पर टिकी हैं, जिससे पता चलेगा कि कंपनी नए बिजनेस में कितनी तेजी से फंड्स का इस्तेमाल करती है।
