DroneAcharya Aerial Innovations ने FY26 में **₹37.97 लाख** का नेट प्रॉफिट दर्ज कर घाटे से उबरने की कोशिश की है, लेकिन कंपनी पर SEBI की पेनल्टी और कई तरह के कंप्लायंस उल्लंघन भारी पड़ रहे हैं।
फाइनेंशियल टर्नअराउंड की हकीकत
कंपनी के लिए पिछला फाइनेंशियल ईयर काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। FY26 में कंपनी ने ₹37.97 लाख का नेट प्रॉफिट कमाकर घाटे (जो कि पिछले साल ₹13.47 करोड़ था) से तो वापसी की है, लेकिन कंपनी का रेवेन्यू ₹34.52 करोड़ से गिरकर महज ₹14.67 करोड़ पर आ गया है। रेवेन्यू में यह बड़ी गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।
SEBI की सख्ती और कानूनी पेंच
मुनाफे की खबर के साथ ही कंपनी पर रेगुलेटरी संकट भी गहराया हुआ है। 28 नवंबर, 2025 को SEBI ने PFUTP और LODR नियमों के उल्लंघन के लिए कंपनी पर ₹10 लाख का जुर्माना लगाया और 2 साल के लिए मार्केट रिस्ट्रिक्शन लगा दिया। फिलहाल कंपनी ने इसके खिलाफ SAT (Securities Appellate Tribunal) में अपील की है।
गवर्नेंस और कंप्लायंस में खामियां
सेक्रेटेरियल ऑडिट में कंपनी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे हैं। ऑडिट में कंपनी सेक्रेटरी की पोस्ट खाली रहने, MGT-14 फॉर्म भरने में देरी और ऑडिटर की नियुक्ति से जुड़े डॉक्यूमेंटेशन में गड़बड़ियां पाई गई हैं। कंपनी ने इन गलतियों को सुधारे का वादा किया है, लेकिन निवेशकों के लिए यह गवर्नेंस रिस्क बना हुआ है।
आगे क्या?
फरवरी 2026 में SAT से मिली अंतरिम राहत के बाद, कंपनी फिलहाल फंड जुटाने और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों के लिए शेयर गिरवी रखने में सक्षम है। कंपनी का फोकस अब डिफेंस सेक्टर के लिए स्वदेशी ड्रोन बनाने पर है, लेकिन निवेशकों को SAT के अंतिम फैसले तक सतर्क रहने की जरूरत है।
