Dreamfolks Services के लिए Q2 FY27 का नतीजा निराशाजनक रहा है। कंपनी ने **₹10.74 करोड़** का नेट लॉस रिपोर्ट किया है, जबकि ट्रैवल फूड सर्विसेज की ओर से दाखिल दिवालियापन (Insolvency) की याचिका कंपनी के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और चुनौतियां
सितंबर 2026 में खत्म हुई तिमाही में Dreamfolks Services का प्रदर्शन काफी कमजोर रहा है। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹31.06 करोड़ रहा। यदि हम फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही (H1 FY27) की बात करें, तो कुल नुकसान ₹24.56 करोड़ तक पहुंच गया है, जबकि रेवेन्यू ₹70.07 करोड़ दर्ज किया गया है। इसके अलावा, कंपनी ने अपनी सब्सिडियरी Ten 11 Hospitality के लिए ₹11 करोड़ की फिक्स्ड डिपॉजिट को ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी के बदले सिक्योरिटी के तौर पर रखने का फैसला किया है।
कानूनी पेंच और IBC याचिका
कंपनी के ऑडिट रिपोर्ट में 'Emphasis of Matter' के तहत एक बड़ी चिंता जताई गई है। Travel Food Services Limited ने IBC के सेक्शन 9 के तहत ₹11.4 करोड़ के बकाया के लिए दिवालियापन की याचिका दायर की है। कंपनी ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है और मामला अभी कानूनी प्रक्रिया में है। इसकी अगली सुनवाई 30 नवंबर 2026 को होनी है, जिस पर निवेशकों की नजरें टिकी हैं।
बोर्ड में बड़े बदलाव
कंपनी ने गवर्नेंस को दुरुस्त करने के लिए 1 जनवरी 2027 से नेतृत्व में बदलाव का ऐलान किया है। मीना लाल को एडिशनल और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया गया है, वहीं संयम नागपाल एडिशनल और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर की भूमिका संभालेंगे। इसके अलावा, TRC Corporate Consulting Private Limited को चालू फाइनेंशियल ईयर के लिए इंटरनल ऑडिटर बनाया गया है।
रिस्क फैक्टर
निवेशकों के लिए सबसे बड़ा रिस्क 30 नवंबर की कोर्ट सुनवाई है। कानूनी विवाद के चलते स्टॉक में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। साथ ही, सब्सिडियरी के कर्ज के लिए सिक्योरिटी देना कंपनी के कैश फ्लो पर भी दबाव डाल सकता है, जिस पर सावधानी से नजर रखना जरूरी है।
