Dion Global Solutions ने अपने NCLT-अप्रूव्ड इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्लान को लागू कर दिया है। इसके तहत कंपनी की पुरानी इक्विटी शेयर पूंजी को पूरी तरह रद्द कर दिया गया है और मालिकाना हक नई प्रमोटर कंपनी IIRIS को सौंप दिया गया है।
ओनरशिप में बड़ा बदलाव
NCLT के आदेशों के तहत, कंपनी की पुरानी इक्विटी और शेयर कैपिटल को औपचारिक रूप से रद्द कर दिया गया है। कंपनी का पूरा कंट्रोल अब Indus IntelliRisk & IntelliSense Services Private Limited (IIRIS) के पास चला गया है, जिसे नई इक्विटी अलॉट की गई है।
रीडर टेकअवे: इस रीस्ट्रक्चरिंग प्रोसेस का सीधा मतलब है कि पुराने रिटेल इक्विटी शेयरधारकों की हिस्सेदारी पूरी तरह खत्म हो गई है।
क्या हुआ है?
3 नवंबर, 2026 को हुई बोर्ड मीटिंग में इस बदलाव को औपचारिक रूप दिया गया। यह प्रक्रिया 21 जुलाई, 2026 को NCLT द्वारा मंजूर किए गए रिजॉल्यूशन प्लान का हिस्सा है। कंपनी ने अपने पुराने बोर्ड और मैनेजमेंट को हटाकर 8 अक्टूबर, 2026 को IIRIS के नॉमिनीज को नई जिम्मेदारी सौंप दी है।
यह मामला क्यों जरूरी है?
यह 18 अगस्त, 2020 से चल रही कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस (CIRP) का अंतिम चरण है। पुरानी इक्विटी को खत्म करना नई मैनेजमेंट के लिए कंपनी की बैलेंस शीट को 'क्लीन' करने का एक तरीका है। हालांकि, निवेशकों के लिए यह एक बड़ा झटका है क्योंकि इनसॉल्वेंसी की ऐसी प्रक्रिया में अक्सर पुराने निवेशकों की पूंजी या तो बहुत कम रह जाती है या फिर पूरी तरह से जीरो हो जाती है।
अब आगे क्या?
नई मैनेजमेंट अब बैंक अकाउंट्स से लेकर वेंडर कॉन्ट्रैक्ट्स तक के फैसले लेने के लिए अधिकृत है। कंपनी की कोशिश अब ऑपरेशनल नॉर्मलसी वापस लाने की है, लेकिन मौजूदा शेयरधारकों के लिए सेटलमेंट के आधिकारिक डिस्क्लोजर पर नजर रखना जरूरी होगा, क्योंकि इसमें वैल्यू पूरी तरह से खत्म होने की आशंका बनी हुई है।
