Diggi Multitrade Ltd के फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजे बेहद निराशाजनक रहे हैं। कंपनी का रेवेन्यू घटकर सिर्फ **₹11.44 लाख** रह गया है, जबकि कंपनी पर BSE ने कई नियमों के उल्लंघन के चलते पेनल्टी लगाई है और प्रमोटर्स के शेयर भी फ्रीज कर दिए गए हैं।
भारी वित्तीय गिरावट और चुनौतियां
Diggi Multitrade के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026 किसी झटके से कम नहीं रहा। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के ₹205.99 लाख से लुढ़ककर अब सिर्फ ₹11.44 लाख पर आ गया है। वहीं, नेट लॉस भी बढ़कर ₹13.07 लाख हो गया है, जो पिछले साल ₹11.87 लाख था।
रेगुलेटरी संकट की वजह
कंपनी के लिए मुश्किलें सिर्फ नतीजों तक सीमित नहीं हैं। BSE ने कई तरह की रेगुलेटरी कमियों के चलते कंपनी पर सख्ती बरती है:
- फाइलिंग में देरी: रेगुलेशन 13(3) और 33 के तहत फाइलिंग में देरी के लिए जुर्माना लगाया गया है।
- कंपनी सेक्रेटरी की कमी: रेगुलेशन 6(1) के तहत क्वालिफाइड कंपनी सेक्रेटरी नियुक्त न करने का उल्लंघन पाया गया है।
- शेयर फ्रीज: रेगुलेशन 76 के तहत नियमों का पालन न करने के कारण प्रमोटर्स के शेयर होल्डिंग को फ्रीज कर दिया गया है।
- ऑडिट रिपोर्ट: स्टेट्यूटरी ऑडिटर्स ने यह भी पाया कि कंपनी का अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर नियमों के मुताबिक 'ऑडिट ट्रेल' फीचर से लैस नहीं है।
मैनेजमेंट की सफाई और आगे की राह
मैनेजमेंट ने देरी के पीछे तकनीकी दिक्कतों (लॉगिन इश्यूज) का हवाला दिया है। कंपनी का कहना है कि वे इन कमियों को सुधारने के लिए कदम उठा रहे हैं और BSE के साथ मिलकर शेयर फ्रीज हटवाने की कोशिश कर रहे हैं। निवेशकों के लिए फिलहाल कंपनी सेक्रेटरी की नियुक्ति और रेगुलेटरी अनुपालन में सुधार देखना बेहद जरूरी है।
