Diamant Infrastructure: कंपनी ठप, बोर्ड खाली और शेयर सस्पेंड; निवेशकों की बढ़ी मुश्किलें

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AuthorNeha Patil|Published at:
Diamant Infrastructure: कंपनी ठप, बोर्ड खाली और शेयर सस्पेंड; निवेशकों की बढ़ी मुश्किलें

Diamant Infrastructure के लिए मुसीबतें कम नहीं हो रही हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का कामकाज पूरी तरह बंद रहा और इसे **₹6.23 लाख** का नेट लॉस हुआ है। BSE पर कंपनी के शेयर मार्च 2020 से ही सस्पेंडेड हैं।

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का हाल

कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के नतीजे पेश किए हैं, जिसमें ऑपरेटिंग रेवेन्यू शून्य दर्ज किया गया है। पिछले साल कंपनी ने ₹9.09 लाख का मुनाफा कमाया था, लेकिन इस बार इसे ₹6.23 लाख का नेट लॉस उठाना पड़ा है। कंपनी की हालत इतनी खराब है कि ऑडिटर्स ने 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) को लेकर बड़ी चेतावनी जारी कर दी है।

गंभीर गवर्नेंस संकट

कंपनी के सामने सिर्फ फाइनेंशियल ही नहीं, बल्कि लीडरशिप का भी बड़ा संकट है। फरवरी 2026 में कंपनी सेक्रेटरी दीप्ति सुभाष पचौली के इस्तीफे के बाद से यह पद खाली पड़ा है। इसके अलावा, मार्च 2026 के अंत तक कंपनी के दोनों इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स ने भी इस्तीफा दे दिया है। बोर्ड में इंडिपेंडेंट सदस्यों का न होना कंपनी की गवर्नेंस पर बड़े सवाल खड़े करता है।

क्यों फंस गई है कंपनी?

कंपनी की परिसंपत्तियां बैंक के कब्जे में हैं और बैंक ने कंपनी के कर्ज को एनपीए (NPA) घोषित कर दिया है। BSE की तरफ से लिस्टिंग फीस न चुकाने के कारण साल 2020 से ही ट्रेडिंग बंद है। कंपनी ने एक्सचेंज से सस्पेंशन हटाने की बात कही है, लेकिन इसके लिए कोई ठोस टाइमलाइन नहीं दी गई है। निवेशकों के लिए कंपनी की बिगड़ती स्थिति एक बड़ा जोखिम बनी हुई है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.