Dhyaani Tradeventtures ने अपनी 12वीं AGM 28 सितंबर, 2026 को बुलाई है। इस बैठक में MD के दोबारा अपॉइंटमेंट और **₹25 करोड़** के बड़े ट्रांजैक्शन पर मुहर लगेगी, लेकिन ऑडिट रिपोर्ट में टैक्स और रेगुलेटरी नियमों के उल्लंघन ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
रेवेन्यू बढ़ा, पर मुनाफे में भारी गिरावट
कंपनी का परफॉर्मेंस कार्ड मिला-जुला रहा है। FY26 में कंपनी का टोटल रेवेन्यू बढ़कर ₹2,721.73 लाख हो गया है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर में ₹1,228.13 लाख था। हालांकि, कंपनी का नेट प्रॉफिट गिरकर ₹6.78 लाख रह गया है, जो पिछले साल ₹24.81 लाख था।
AGM में इन एजेंडों पर नजर
कंपनी ने BSE को जानकारी दी है कि 28 सितंबर, 2026 को होने वाली AGM में मैनेजिंग डायरेक्टर चिंतन नयन भाई राज्यगुरु को अगले 5 साल के लिए फिर से नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। इसके लिए उनकी सालाना सैलरी ₹20 लाख तय की गई है। साथ ही, Gandhinagar Leasing and Finance Limited के साथ ₹25 करोड़ तक के ट्रांजैक्शन की मंजूरी भी मांगी गई है।
गवर्नेंस पर 'रेड फ्लैग'
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता ऑडिटर्स की रिपोर्ट है। कंपनी पर करीब ₹45-50 लाख का इनकम टैक्स बकाया है। इसके अलावा, E-Way बिल, E-इनवॉइस और TDS (सेक्शन 194Q) नियमों के पालन में भी चूक सामने आई है। सेक्रेटेरियल ऑडिट में कंपनी के खिलाफ जरूरी फॉर्म्स फाइल न करने और डायरेक्टर को दिए लोन को लेकर कंपनी एक्ट के सेक्शन 185 के संभावित उल्लंघन का जिक्र किया गया है।
निवेशकों के लिए जोखिम
कंपनी का रेवेन्यू तो बढ़ा है, लेकिन नेट प्रॉफिट के मुकाबले ₹25 करोड़ का ट्रांजैक्शन लिमिट काफी बड़ा है। ऐसे में मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि निवेशकों को गवर्नेंस से जुड़ी इन खामियों पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है ताकि उनका पैसा सुरक्षित रहे।
