इंसॉल्वेंसी प्रोसेस से गुजर रही Dhruv Wellness Ltd ने अपनी 5वीं कमिटी ऑफ क्रेडिटर्स (CoC) मीटिंग की जानकारी काफी देर से दी है। कंपनी के रेजोल्यूशन प्रोफेशनल ने इसे एक प्रशासनिक चूक (administrative oversight) बताया है।
जानकारी में देरी का कारण
Dhruv Wellness Ltd की तरफ से स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के मुताबिक, 6 अक्टूबर 2025 को कंपनी की 5वीं कमिटी ऑफ क्रेडिटर्स (CoC) मीटिंग हुई थी। इस महत्वपूर्ण मीटिंग की सूचना देने में हुई देरी पर सफाई देते हुए कोर्ट द्वारा नियुक्त रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (RP) अशोक मित्तल ने इसे एक अनजाने में हुई प्रशासनिक चूक बताया है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह बैठक?
इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत 'कमिटी ऑफ क्रेडिटर्स' यानी CoC ही वह मुख्य अथॉरिटी है जो कंपनी के भविष्य का फैसला करती है। इस मीटिंग में लिए गए निर्णयों पर ही निर्भर करता है कि कंपनी का पुनर्गठन (restructuring) होगा या फिर उसे लिक्विडेशन (liquidation) की ओर ले जाया जाएगा।
निवेशकों के लिए क्या हैं जोखिम?
फिलहाल कंपनी पूरी तरह से इंसॉल्वेंसी प्रोसेस के दायरे में है, जिससे इसमें काफी अनिश्चितता बनी हुई है। निवेशकों को कंपनी की तरफ से आने वाले हर अपडेट पर पैनी नजर रखनी चाहिए, क्योंकि ये फाइलिंग्स ही बताएंगी कि कंपनी रिकवरी की ओर बढ़ रही है या मामला किसी अंतिम नतीजे के करीब है।
अब कंपनी का कंट्रोल प्रमोटर्स के हाथों से निकलकर RP के पास है, ताकि क्रेडिटर्स के हितों की रक्षा की जा सके। आने वाले समय में कोर्ट के आदेशों और CoC की अगली मीटिंग्स के नतीजों पर शेयरधारकों की निगाहें टिकी रहेंगी।
