Dhruv Wellness Limited ने जानकारी दी है कि कंपनी की सातवीं Committee of Creditors (CoC) मीटिंग **26 नवंबर, 2025** को आयोजित की गई। इस बैठक में किसी बड़े समाधान या लिक्विडेशन पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है।
क्या रहा बैठक का नतीजा?
इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत चल रही प्रक्रिया के बीच, रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल (RP) अशोक मित्तल ने बताया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए यह सातवीं बैठक हुई। हालांकि, शेयरधारकों के लिए चिंता की बात यह है कि इस मीटिंग में कोई भी निर्णायक फैसला नहीं निकला। ना तो किसी रिजॉल्यूशन प्लान को मंजूरी दी गई और ना ही लिक्विडेशन (Liquidation) को लेकर कोई स्पष्ट रास्ता तय हुआ है।
क्यों है अनिश्चितता?
चूंकि Dhruv Wellness अभी formal insolvency-resolution framework के अंदर है, इसलिए हर मीटिंग का नतीजा कंपनी के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। मौजूदा अपडेट से निवेशकों को कोई नई दिशा नहीं मिली है, जिससे शेयर को लेकर असमंजस बना हुआ है।
फाइलिंग में देरी पर सफाई
दिलचस्प बात यह है कि कंपनी ने एक्सचेंज को दी गई जानकारी में देरी स्वीकार की है। रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल ने माना कि यह देरी 'ओवरसाइट' (oversight) के कारण हुई और इसके पीछे कोई गलत मंशा नहीं थी। कंपनी ने नियमों के पालन को लेकर अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई है।
अब आगे क्या?
इन्वेस्टर्स को अब किसी ठोस अपडेट का इंतजार करना होगा। आगामी समय में CoC की अगली मीटिंग्स, किसी रिजॉल्यूशन प्लान की मंजूरी या कंपनी के एसेट्स और लायबिलिटीज से जुड़े किसी भी बड़े बदलाव पर कड़ी नजर रखना जरूरी होगा, क्योंकि यही चीजें स्टॉक की भविष्य की स्थिति तय करेंगी।
